गोण्डा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) सुपर टेट, पीजीटी की सहायक अध्यापक भर्ती में विवाहित महिला अभ्यर्थियों के लिए पिता पक्ष के जाति प्रमाणपत्र को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आयोग पिता के नाम से (बिना पति के नाम वाला) प्रमाणपत्र मांग रहा है, जबकि तहसील स्तर पर लेखपाल रिपोर्ट लगाने से इनकार कर रहे हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे प्रकरण में अभी तक शासन व उच्चाधिकारियों द्वारा कोई स्पष्ट संशोधित शासनादेश / गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
नियमों के इस अंतर्विरोध के चलते हजारों महिला अभ्यर्थी बेहद परेशान हैं। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक होने से उन्हें भर्ती प्रक्रिया से वंचित होना पड़ सकता है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल हस्तक्षेप कर संशोधित शासनादेश जारी कराने की मांग की है, ताकि तहसीलों में एकरूपता से प्रमाणपत्र जारी हो सके।
No comments:
Post a Comment