Gonda
September 22, 2026
बाढ़ प्रभावित ग्रामों में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वच्छता अभियान
गोण्डा - जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद की तहसील तरबगंज एवं करनैलगंज के बाढ़ प्रभावित ग्रामों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों एवं संभावित महामारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राजस्व विभाग के समन्वय से सफाई कर्मियों की विशेष टोलियां गठित कर प्रभावित ग्रामों में लगातार साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है।
बाढ़ के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में गंदगी, कीचड़ तथा मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है, जिससे विभिन्न संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। सफाई कर्मियों की टोलियों द्वारा ग्रामों में गलियों, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य चिन्हित स्थानों की साफ-सफाई के साथ-साथ चूना छिड़काव कराया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। जलभराव वाले स्थानों एवं मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि मच्छरजनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित ग्रामों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार सफाई कर्मियों की टोलियों को सक्रिय करते हुए स्वच्छता कार्यों को गति दी जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, चूना छिड़काव एवं एंटी लार्वा छिड़काव के कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिला प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। साथ ही ग्रामीणों से भी अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से गंदगी न फैलाने तथा किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।