भारी बारिश व तेज हवा के बाद गन्ना गिरा? किसान तुरंत करें ‘कैंची नुमा’ बंधाई
भारी बारिश व तेज हवाके बाद गन्ना गिरा? किसान तुरंत करें ‘कैंची नुमा’ बंधाई
बहराइच/फखरपुर, जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई किसानों के खेतों में गन्ना गिर गया है। कृषि विशेषज्ञों और चीनी मिल प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि यदि गिरे गन्ने की 2–3 दिनों के भीतर उचित बंधाई नहीं की गई, तो उपज और चीनी प्रतिशत दोनों में भारी गिरावट आ सकती है।गन्ना गिरने से प्रकाश-संश्लेषण बाधित होता है, तना कमजोर पड़ता है और जड़ों में सड़न का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गिरने की स्थिति में पैदावार और चीनी प्रतिशत में 18–38% तक की कमी आ सकती है। साथ ही, चूहे और सियार गिरे गन्ने को आसानी से नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे अतिरिक्त फसल हानि होती है।कृषि विभाग और मिल प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे बारिश रुकते ही खेत में पहुंचकर गिरे गन्ने को हल्के हाथ से सीधा करें और 2–3 दिनों के भीतर “कैंची नुमा” बंधाई जरूर करें। इस दौरान मिट्टी नरम रहती है, इसलिए जितनी जल्दी बंधाई होगी, उतना ही नुकसान कम होगा। दो कतारों को आपस में लाकर निचली सूखी पत्तियों/सूतली से तिरछा (कैंची आकार) बांधें, ताकि तने एक-दूसरे को सहारा दें। बंधाई जमीन से लगभग 1–1.5 फीट (30–45 सेमी) ऊंचाई पर करें; रस्सी ज्यादा कसकर न बांधें।पारले चीनी मिल के उप मुख्य गन्ना प्रबंधक जगतार सिंह ने अपने किसानों से अनुरोध किया है कि वे गिरे गन्ने को तुरंत सीधा कर शत-प्रतिशत बंधाई सुनिश्चित करें। इस अवसर पर कंपनी के अन्य अधिकारी—सूबेदार सिंह, नागेंद्र सिंह, प्रवेश सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, अमर अशोक वर्मा—भी मौजूद रहे।

