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Oct 7, 2022

सर्वे से मदरसों की हो रही पहचान, सुविधाओं से लैस होंगे

बस्ती। उत्तर प्रदेश सरकार मदरसों को आधुनिक व सुविधा संपन्न बनाने के लिए सर्वे करा रही है। सर्वे होने के बाद मदरसों की संख्या स्पष्ट होगी। अगले चरण में उनका पंजीकरण कराते हुए बेहतर संसाधनों को देने की योजना है। ऐसा होने के बाद मदरसों से भी आईएएस, पीसीएस व डॉक्टर निकलेंगे। यह बातें उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सम्मान अफरोज खान ने ही। वह बस्ती के एक होटल में चौपाल लगाकर अल्पसंख्यकों की समस्याओं को सुना और उसके समाधान का निर्देश दिया।

अल्पसंख्यक आयोग सदस्य श्री अफरोज ने कहा कि मदरसों के साथ-साथ वक्फ के संपत्तियों का भी सर्वे चल रहा है। इसका उद्देश्य वक्फ की संपत्तियों के होने वाले अवैध कब्जे व दुरूपयोग को रोकना है। कहीं पर दो-दो कमेटी बनाकर लोग विवाद कर रहे हैं। इसको रोकना है। आए दिन शिकायत आती है कि वक्फ की इस संपत्ति पर कब्जा हो गया। यदि सभी का पंजीकरण रहेगा तो इसकी सुरक्षा आसान होगी। मदरसों के शिक्षकों को मानदेय न मिलने के सवाल पर कहा कि काफी हद तक सभी का बकाया वेतन भुगतान कर दिया गया है। कुछ का वेतन बकाया है। अब मदरसों को ग्रांट सीधे अल्पसंख्यक मंत्रालय से मिलेगी। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।   

उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार अल्पसंख्यकों के हित में काम कर रही है। 16 बिन्दुओं पर कार्यक्रम चल रहा है। उसे जमीनी स्तर पर पर लागू किया जा रहा है। इसके पूर्व बस्ती पहुंचने पर आयोग सदस्य सम्मान अफरोज खान का मिशन मोदी अगेन अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ. मुनव्वर हुसेन, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग विजय प्रताप यादव सहित अन्य ने स्वागत किया। उन्होंने एक होटल में अल्पसंख्यकों से जुड़ी समस्याओं को सुनते हुए अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया।    

          रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट

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