गोण्डा - नगर कोतवाली क्षेत्र में पत्रकार सत्यम मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। 8 आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस की चार टीमें और एसओजी लगातार दबिश दे रही है, लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा दे रहे हैं। इससे पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल है।
बीते 25 सितंबर को अधिवक्ता शिवेंद्र मिश्रा के भाई व पत्रकार सत्यम मिश्रा पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में नगर कोतवाली में सुरेंद्र ओझा, देवेंद्र ओझा, अनिल ओझा समेत पांच अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना के बाद से ही सभी आरोपियों के मोबाइल बंद हैं। पुलिस उनकी सीडीआर निकलवाकर सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। नगर कोतवाली पुलिस के साथ-साथ एसओजी टीम भी आरोपियों के रिश्तेदारों, करीबियों और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने कब्जे में ली है, ताकि हमलावरों की पहचान और मूवमेंट का पता चल सके।
परिवार ने जताया जान का खतरा
घायल पत्रकार सत्यम मिश्रा को लखनऊ केजीएमयू से डिस्चार्ज कर दिया गया है और वह अब घर पर हैं। लेकिन आरोपियों के खुले घूमने से परिवार सहमा हुआ है। पीड़ित सत्यम मिश्रा ने कहा कि उनके भाई शिवेंद्र मिश्रा दीवानी कचहरी में वकालत करते हैं और वह खुद क्षेत्र के सामाजिक व भ्रष्टाचार के मुद्दे प्रमुखता से उठाते हैं। इसी रंजिश में उन पर हमला हुआ है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
पत्रकार संगठनों में आक्रोश
घटना को लेकर जिले के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। बीते दिनों पत्रकारों ने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, पुलिस अधीक्षक और डीआईजी से मिलकर ज्ञापन सौंपा था और चेतावनी दी थी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
इस संबंध में सीओ नगर योगेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। सर्विलांस और एसओजी टीम को लगाया गया है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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