Oct 30, 2026

किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का सजीव प्रसारण, किसानों को पराली प्रबंधन और एकीकृत खेती का दिया मंत्र


गोण्डा  - लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम, गोंडा एवं जिला कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 30 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के हस्तांतरण कार्यक्रम का सजीव प्रसारण आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसानों ने प्रोजेक्टर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। कार्यक्रम में जिला भाजपा सदस्य राघव राम तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि इंजीनियर संतोष कुमार द्विवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मुख्य अतिथि राघव राम तिवारी ने किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के महत्व पर प्रकाश डाला तथा किसानों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि इंजीनियर संतोष कुमार द्विवेदी ने अपने संबोधन में फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान एवं अन्य फसलों की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेषों एवं पराली को जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है तथा वायु प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने किसानों को पराली जलाने के बजाय फसल अवशेषों का उपयोग जैविक खाद बनाने, मल्चिंग तथा अन्य कृषि कार्यों में करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करके मृदा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण का संरक्षण किया जा सकता है। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सी.एम. त्रिपाठी ने किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकों को अपनाने तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। इस अवसर पर श्रीमती ममता त्रिपाठी ने किसानों की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसान पूरे वर्ष मेहनत करता है, लेकिन बारिश एवं प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को होने वाले नुकसान की चिंता उसे हमेशा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि खेती के साथ अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके अंतर्गत फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन एवं अन्य गतिविधियों को जोड़कर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन श्री अनूप सिंह चौहान, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) द्वारा किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. आशीष पांडेय, पादप संरक्षण वैज्ञानिक, अभय प्रताप, नितिन, सत्येंद्र, अमरीश, रोहित श्रीकांत, डॉ. अंकित तिवारी, शस्य वैज्ञानिक एवं डॉ. सुधांशु, प्रसार वैज्ञानिक तथा सीबीबीओ से अंजनी दुबे सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण तथा एकीकृत कृषि प्रणाली के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।

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