गोण्डा - करनैलगंज तहसील के ग्राम पंचायत पड़रिया में न्यायालय के आदेश की खुलेआम अवहेलना हो रही है। गाटा संख्या 331 जो राजस्व अभिलेखों में खलिहान के रूप में दर्ज है, पर 15 कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का आदेश होने के बाद भी जमीन खाली नहीं कराई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गाटा संख्या पर अवैध कब्जे को लेकर वाद संख्या 05404/2017 दायर हुआ था, जिस पर तहसीलदार करनैलगंज ने 2 दिसंबर 2023 को आदेश पारित किया था। इसके बाद सहायक कलेक्टर प्रथम करनैलगंज ने 25 अगस्त 2026 को धारा 67(1) के तहत 15 लोगों के खिलाफ बेदखली का अंतिम आदेश पारित किया। आदेश के बाद सभी को नोटिस भी जारी किया जा चुका है, बावजूद इसके मौके पर निर्माण जस के तस बने हुए हैं।
पट्टे की जमीन बेच दी, खलिहान पर कब्जा बरकरार
चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इन कब्जेदारों को शासन द्वारा दूसरी जगह पट्टे की जमीन आवंटित की जा चुकी है और वे उस पर काबिज भी हैं। आरोप है कि पट्टे की जमीन में से कुछ हिस्सा ऊंचे दामों पर बेच दिया गया, लेकिन खलिहान की सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं छोड़ा गया।
ये हैं 15 कब्जेदार जिन पर बेदखली का आदेश है
चुन्नीलाल, नन्दलाल, अजीत राम, हरीकेश, संजय, चेतराम, मल्हू, छब्बा, रामस्वार्थ, झोधू, रंजीत लाल, छोटकऊ, कल्लू, अशोक और होली (सभी निवासी पड़रिया)। इनके विरुद्ध वाद संख्या 9041/2025 से 9055/2025 व 9398/2025 में कार्रवाई की गई है।
अब सवाल उठ रहा है कि जब न्यायालय ने बेदखली का स्पष्ट आदेश दे दिया है तो जिला प्रशासन गाटा संख्या 331 को कब्जामुक्त कब कराएगा? ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
No comments:
Post a Comment