Sep 18, 2026

वरिष्ठ पत्रकार सुलेमान की पत्नी ने मोतीगंज थाना और डीएम को पत्र देकर आरोपी लेखपाल के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की


गोण्डा  - भ्रष्टाचार,अवैध वसूली,पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही एवं फर्जी आख्या प्रेषित कर वरिष्ठ पत्रकार की मृत्यु का कारण बनने वाले दोषी प्रभारी लेखपाल आर. के. मिश्रा के विरुद्ध निलंबन, विधिक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज कराने की मांग पत्नी सायरा ने की है।
पत्नी सायरा बानो ने दिये पत्र में कहा है कि मेरे पति एक गंभीर एवं अत्यंत जानलेवा बीमारी से ग्रस्त थे,जिनके इलाज का कुल अनुमानित व्यय लगभग 7 लाख रूपये था। शासन द्वारा मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए पूर्व में 'मुख्यमंत्री राहत कोष' के अंतर्गत दिनांक 12अगस्त26 को 2 लाख रूपये की आंशिक आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई थी। इलाज जारी रखने तथा शेष अति आवश्यक सहायता राशि प्राप्त करने हेतु नियमानुसार पुनः आवेदन प्रेषित किया गया,जिसकी पारदर्शी भौतिक स्थल जांच का दायित्व क्षेत्रीय प्रभारी लेखपाल आर. के. मिश्रा को सौंपा गया था।लेकिन प्रभारी लेखपाल आर. के. मिश्रा ने इस अत्यंत मानवीय एवं अति-संवेदनशील मामले को अवैध उगाही का माध्यम बना लिया। उन्होंने अनुकूल जांच आख्या लगाने के एवज में मेरे पति से रिश्वत की अनुचित मांग की तथा उनके अत्यंत नाजुक स्वास्थ्य के बावजूद उन्हें बार-बार बुलाकर अत्यंत प्रताड़ित किया। रिश्वत देने में असमर्थता व्यक्त करने तथा शैयाग्रस्त होने के कारण न पहुँच पाने से क्रुद्ध होकर लेखपाल ने अपने पदीय दायित्वों का घोर उल्लंघन किया और उच्च अधिकारियों को गुमराह करते हुए असत्य व भ्रामक आख्या भेज दी।
लेखपाल के इस दुर्भावनापूर्ण,भ्रष्ट व आपराधिक कृत्य के कारण शासन से समय पर अवशेष आर्थिक सहायता स्वीकृत नहीं हो सकी,जिसके चलते समुचित व निरंतर इलाज के अभाव में 15 सितंबर को मेरे पति की असमय मृत्यु हो गई। मृत्युशैया पर जाने से पूर्व मेरे पति ने लेखपाल द्वारा किए गए इस उत्पीड़न, रिश्वतखोरी एवं प्रशासनिक हठधर्मिता की पूरी दास्तान एक वीडियो बयान  के रूप में वायरल की थी,जो साक्ष्य के रूप में सोशल मीडिया पर उपलब्ध है।सायरा बानो ने पत्र में दोषी प्रभारी लेखपाल आर. के. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित किया जाए। लेखपाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी,जालसाजी एवं आपराधिक लापरवाही की गंभीर धाराओं में अविलंब एफआईआर दर्ज कराने का आदेश प्रदान किया जाए।उपलब्ध वीडियो साक्ष्य एवं संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय प्रदान किया जाए।
जांचकर्ता अधीक्षक एस एन सिंह से फोन पर संपर्क किया गया लेकिन अधीक्षक का फोन नहीं उठा। जिसकी जानकारी आज सीएमओ संतलाल पटेल को श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष कैलाश वर्मा ने दी है। साथ ही यह भी कहा है कि पत्रकार को न्याय नहीं मिला तो अधीक्षक और तहसीलदार को शामिल करते हुए यूनियन मजिस्ट्रेटी जांच की मांग के लिये बाध्य होगा।

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