Jul 18, 2026

गोंडा की बेटी रोमी साहू ने रचा इतिहास, एलएनआईपीई ग्वालियर में एआईआर-2 हासिल कर जिले का नाम किया रोशन



गोण्डा - सपनों को साकार करने के लिए कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। इस बात को सच साबित कर दिखाया है जनपद गोंडा की होनहार खेल प्रशिक्षक रोमी साहू ने। संस्कार इंटरनेशनल स्कूल में खेल अध्यापिका के रूप में कार्यरत रोमी साहू का चयन देश के प्रतिष्ठित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), ग्वालियर में पीजीडीएससी (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग) पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। उन्होंने ओबीसी श्रेणी में अखिल भारतीय रैंक (AIR)-2 प्राप्त कर न केवल अपने विद्यालय बल्कि पूरे जनपद गोंडा और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है एलएनआईपीई, ग्वालियर देश का अग्रणी खेल शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान माना जाता है, जहां प्रवेश के लिए देशभर से हजारों खिलाड़ी और खेल शिक्षक प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल करना किसी भी खिलाड़ी या खेल प्रशिक्षक के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। रोमी साहू की इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया जा सकता है। रोमी साहू पिछले सात से आठ वर्षों से पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, गोंडा में प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित अभ्यास कर रही हैं। कठिन मौसम, व्यस्त दिनचर्या और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी अभ्यास नहीं छोड़ा। खेल के प्रति उनका समर्पण और निरंतर प्रयास ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना। वर्तमान में वह संस्कार इंटरनेशनल स्कूल में खेल अध्यापिका हैं, जहां वे विद्यार्थियों को विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें अनुशासन, फिटनेस, टीम भावना और खेल भावना का महत्व भी सिखाती हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के कई छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। विद्यालय में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। अपनी सफलता पर रोमी साहू ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार, गुरुजनों और प्रशिक्षकों की मेहनत और आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा, "आज मैं जो कुछ भी हूं, उसमें मेरे माता-पिता, भाई-बहनों और गुरुजनों का सबसे बड़ा योगदान है। यदि उनका सहयोग और विश्वास नहीं मिलता, तो शायद मैं इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती।" उन्होंने विशेष रूप से अपने प्रशिक्षक अशोक सोनकर, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना, जिला क्रीड़ा अधिकारी रंजीत राज तथा राम मनोज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सभी ने हर कठिन समय में उनका मार्गदर्शन किया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से ही वह राष्ट्रीय स्तर की इस उपलब्धि तक पहुंच सकीं। रोमी साहू के पिता श्री बृजलाल साहू, माता श्रीमती चंद्र साहू तथा भाई श्री रामकृपाल साहू ने हमेशा उनका उत्साह बढ़ाया। पांच बहनों में सबसे छोटी रोमी ने बताया कि परिवार ने कभी उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोका, बल्कि हर कदम पर उनका साथ दिया। यही पारिवारिक सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। इस उल्लेखनीय सफलता पर संस्कार इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधन, प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए रोमी साहू को हार्दिक बधाई दी। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे विद्यालय और जनपद के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता विद्यार्थियों को यह संदेश देती है कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। खेल प्रेमियों और जिले के गणमान्य लोगों ने भी रोमी साहू की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे गोंडा के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनका मानना है कि रोमी की सफलता से जिले के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी रोमी साहू की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि गोंडा के खेल जगत के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। यदि मेहनत, लगन, सही मार्गदर्शन और परिवार का साथ मिले तो छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। आने वाले समय में रोमी साहू खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूकर गोंडा का नाम पूरे देश में और अधिक गौरवान्वित करेंगी

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