करनैलगंज /गोण्डा- स्थानीय तहसील क्षेत्र के नरायनपुर ललक और सरैया गांव की सीमान्तर्गत पावन सरयू तट स्थित जम्बू तीर्थ इस वक्त साधू,सन्यासियों का मनोहारी विश्राम स्थल बना हुआ है। तीर्थस्थल के रूप में सुविख्यात जम्बूघाट पर गुरुवार को 84 कोसी परिक्रमार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। दिनांक 6/7 अप्रैल 2023 से बस्ती के मखौड़ा धाम से शुरू होने वाली यह 84 कोसी परिक्रमा शुरू होकर आगामी 28अप्रैल 2023को धर्मनगरी अयोध्या सीताकुंड में खत्म होगी। त्रेता युग से चली आ रही यह परिक्रमा विश्व की सबसे बड़ी परिक्रमा मानी जाती है। मान्यताओं के अनुसार जन्म,मरण के बन्धन से मुक्ति देने वाली यह 84कोसी परिक्रमा बस्ती मखोड़ा, से चलकर बाराबंकी होते हुए करीब 110 गांवों का भ्रमण करते हुए गोण्डा की सीमा में प्रवेश करती है। गुरुवार को श्रद्धालुओं का एक जत्था विभिन्न धर्मस्थलों से होते हुए जम्बू तीर्थ पहुंचा,तो ग्रामीणों द्वारा उनका स्वागत किया गया। परक्रमार्थियों का यह जत्था तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर,वाराह क्षेत्र सरयू - घाघरा संगम स्थल तथा मुकुंदपुर मां वाराही देवी मन्दिर होते हुए आगामी 28 अप्रैल 2023 को सीताकुंड अयोध्या में पूर्ण होगी
Apr 20, 2023
जम्बूघाट पहुंचा 84कोसी परक्रमार्थियो का जत्था,बस्ती से आयोध्या तक होगी पैदल यात्रा,विश्व की सबसे बड़ी परिक्रमा
करनैलगंज /गोण्डा- स्थानीय तहसील क्षेत्र के नरायनपुर ललक और सरैया गांव की सीमान्तर्गत पावन सरयू तट स्थित जम्बू तीर्थ इस वक्त साधू,सन्यासियों का मनोहारी विश्राम स्थल बना हुआ है। तीर्थस्थल के रूप में सुविख्यात जम्बूघाट पर गुरुवार को 84 कोसी परिक्रमार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। दिनांक 6/7 अप्रैल 2023 से बस्ती के मखौड़ा धाम से शुरू होने वाली यह 84 कोसी परिक्रमा शुरू होकर आगामी 28अप्रैल 2023को धर्मनगरी अयोध्या सीताकुंड में खत्म होगी। त्रेता युग से चली आ रही यह परिक्रमा विश्व की सबसे बड़ी परिक्रमा मानी जाती है। मान्यताओं के अनुसार जन्म,मरण के बन्धन से मुक्ति देने वाली यह 84कोसी परिक्रमा बस्ती मखोड़ा, से चलकर बाराबंकी होते हुए करीब 110 गांवों का भ्रमण करते हुए गोण्डा की सीमा में प्रवेश करती है। गुरुवार को श्रद्धालुओं का एक जत्था विभिन्न धर्मस्थलों से होते हुए जम्बू तीर्थ पहुंचा,तो ग्रामीणों द्वारा उनका स्वागत किया गया। परक्रमार्थियों का यह जत्था तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर,वाराह क्षेत्र सरयू - घाघरा संगम स्थल तथा मुकुंदपुर मां वाराही देवी मन्दिर होते हुए आगामी 28 अप्रैल 2023 को सीताकुंड अयोध्या में पूर्ण होगी
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