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Jan 12, 2023

पीसीएस अधिकारी अधिकारी बन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, फर्नीचर व्यापारी को जेल भेजने का भय दिखा रहे थे।

 सीएम सिटी शं गोरखपुर में एक‌ आश्चर्यजनक मामला सामने आया है। राजघाट पुलिस ने तीन शातिर ठगों को व्यापारी को धौंस दिखाकर कर ठगने की कोशिश करते समय गिरफ्तार कर लिया है  है। जालसाज स्वयं को उपजिलाधिकारी बता कर व्यापारियों और पुलिस पर धौंस दिखाते थे।अनेक लोगों पर हनक दिखाने के  बाद फर्नीचर कारोबारी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों पर मुकदमा दर्ज कर उनको हिरासत में ले लिया है।

तिवारी पुर क्षेत्र के बख्तियार मोहल्ले के रहने वाले अशफाक, इकबाल और आफताब शहर में घूम-घूम कर विभिन्न स्थानों पर स्वयं को उपजिलाधिकारी और सहयोगी स्टाफ बताकर ठगी किया करते थे। मंगलवार को भी तीनों ट्रांसपोर्ट नगर में एक फर्नीचर व्यापारी के यहां जा धमके और वहां पर तीनों ने एक फर्नीचर का रेट पूछे। कारोबारी ने उन्हें फर्नीचर का मूल्य दस हजार रुपए बताया।
 इसके बाद उक्त आरोपियों में से एक ने स्वयं को उपजिलाधिकारी और अन्य दो को अपना सहयोगी कर्मचारी बताते हुए रौब गालिब शुरू कर दिया। जालसाजों ने व्यापारी से कहा, अवैध रूप से लकड़ी का काम करते हो, अपने जीएसटी के दस्तावेज दिखाओ। भयवश व्यापारी ने मूल्य कम करते हुए पांच हजार रुपया कर दिया।
 पुलिस अधीक्षक शहरी श्री कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया, "जिस समय जालसाज व्यापारी को ठग रहे थे, ठीक उसी वक्त संयोग से उस दुकान पर दो पुलिस वाले भी कुछ कार्यवश पहुंच गए। बातचीत के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों ने फर्जी एसडीएम बने व्यक्ति के सहयोगियों से 'पूछताछ शुरू कर दी। तभी जालसाज ने पुलिस वालों से उनका पीएनओ नंबर पूछते हुए उन पर धौंस दिखाना शुरू कर दिया।

ऐसे में पुलिस वालों को शक पुख्ता हो गया और उन्होंने तुरंत ट्रांसपोर्ट नगर चौकी इंचार्ज गौरव सिंह को सूचना देकर बुला लिया। मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ पहुंच गए और तीनों से पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान ठगी का मामला सामने आया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया।”

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