झिंझाना 6 मार्च :
संस्था श्रमिक सेवा केंद्र शामली द्वारा झिंझाना में आयोजित एक कार्यक्रम के अंतर्गत चाइल्ड लाइन के प्रति जागरूक किया गया । आपातकालीन समय में 0 से 18 साल तक के बच्चों की सहायतार्थ समाजसेवियों से भी आगे आने की अपील की गई । इस संबंध में कई वक्ताओं ने अपने विचार भी रखें।
शामली की संस्था श्रमिक सेवा केंद्र द्वारा कस्बे में सलेक चन्द वर्मा के आवास पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें चाइल्ड लाइन के कोऑर्डिनेटर सत्येंद्र कुमार द्वारा चाइल्ड लाइन के ऊपर प्रकाश डाला गया तथा सामाजिक लोगों तथा अन्य बुद्धिजीवी लोगों से इस कार्य में सहयोग करने की अपील की गई । सत्येंद्र कुमार ने बताया कि चाइल्ड लाइन के माध्यम से समाज के उन बच्चों की मदद की जाती है जो अपने मां-बाप से बिछड़ गए हो या किसी आपातकालीन परिस्थिति में फंसे हो, किसी उत्पीड़न का शिकार हो , जुर्म के दलदल में हों या भिक्षावृत्ति में लगे हो ऐसे बच्चों की सहायता में सरकार के टोल फ्री नंबर 1098 पर निशुल्क कॉल करके बच्चों की मदद की जा सकती है ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेंद्र कुमार शर्मा रिटायर्ड प्रधानाचार्य ने ऐसे सामाजिक कार्य पर बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने को प्रेरित किया । बतौर अतिथि बोलते हुए कस्बे के पूर्व चेयरमैन एवं समाजसेवी राकेश गोयल ने कहा कि चाइल्डलाइन के माध्यम से हम इस क्षेत्र में सहयोग करके एक अच्छा पुण्य कमा सकते हैं ।
बाल गृह न होने से चुनौती भरा है कार्य
संस्था के डायरेक्टर पीतम सिंह मलिक ने कहा कि जनपद शामली में बाल सुधार गृह न होने के कारण चाइल्ड लाइन का यह कार्य बहुत ही चुनौती भरा है । ऐसी स्थिति में किसी बच्चे को सहारनपुर तो किसी को मेरठ या किसी बच्चे को जिला रामपुर , लखनऊ आदि भेजना पड़ जाए तो वहां भेजने के लिए एंबुलेंस मिलने में बड़ी परेशानी होती है । दूसरी ओर हम किसी भी बच्चे को अपने यहां 24 घंटे से ज्यादा नहीं रख सकते । प्रीतम सिंह मलिक ने जनपद शामली में बाल सुधार गृह बनाए जाने की मांग की है । कार्यक्रम में चाइल्डलाइन के कोऑर्डिनेटर सत्येंद्र कुमार के साथ टीम मेंबर विनोद कुमार , जीतपाल सिंह , विजयपाल सिंह आदि मौजूद रहे । कार्यक्रम में अनिल कुमार वर्मा , अमरीश उर्फ मीनू , चतर सिंह, ममता , पूनम , गीता , भारती आदि मौजूद रहे ।
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