लखनऊ - एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन साइंसेज एंड डेवलपमेंट (AIHSD) के 31वें स्थापना दिवस पर लखनऊ विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग सभागार में ‘फॉरेंसिक साइंस इन पुलिसिंग एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन’ विषय पर भव्य सेमिनार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. बलराज चौहान ने कहा कि अब लाठी के जोर से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों से अपराध पर लगाम लगेगी। फॉरेंसिक जांच ही पुलिसिंग को मजबूत और न्याय को पुख्ता करेगी।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त IPS DIG राजू बाबू सिंह ने पुलिस अनुसंधान में फॉरेंसिक की जमीनी हकीकत बताई, तो AIHSD निदेशक प्रो. मुकेश ठाक्कर*ल ने साक्ष्य संरक्षण और विश्लेषण की बारीकियों को समझाया।
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