तहरीर में 85 हजार नकद, एफआईआर से गायब! बड़ी चोरी पर भी नहीं बुलाई डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम
गोण्डा - करनैलगंज कोतवाली से महज कुछ दूरी पर मोहल्ला कुम्हरगढ़ी वार्ड नंबर-4 में हुई 26 लाख की बड़ी चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 7 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो चोरों का सुराग लगा पाई है और न ही एक रुपये की बरामदगी हुई है।
पीड़ित अतुल कुमार मौर्य पुत्र सहदेव मौर्य पशु चिकित्सालय में सरकारी कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर की रात परिवार खाना खाकर सो गया। रात 12 से 3 बजे के बीच चोर छत के रास्ते घर में घुसे। अलमारी का ताला तोड़कर सोने का हार, एक जोड़ी कंगन, मांग टीका, दो बड़ी व तीन छोटी चेन, तीन अंगूठी, एक जोड़ी झुमकी, चांदी के कड़े सहित लगभग 24 लाख के सोने के जेवर, 2 लाख की चांदी और 85 हजार रुपये नकद ले गए। घटना के दो दिन बाद 5 अक्टूबर को कोतवाली में मु.अ.सं. 593/26 धारा 305(A), 331(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस की कार्यशैली पर बड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़ित का आरोप है कि तहरीर में 85 हजार रुपये नकद का उल्लेख था, लेकिन एफआईआर में नकदी का जिक्र नहीं किया गया। इतनी बड़ी वारदात के बाद भी इंस्पेक्टर करनैलगंज ने मौके पर न तो डॉग स्क्वायड टीम बुलाई, न फोरेंसिक टीम और न ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी। पीड़ित के अनुसार वारदात वाले दिन 3 अक्टूबर को शाम 6:30 और रात 8:15 बजे एक पड़ोसी लड़की, जो पहले कभी घर नहीं आती थी, घर आई और वृद्ध मां के फोन से बात कर चली गई। पड़ोस के ही अखिलेश मौर्य ने अपने भाई विकास से कहा था कि अगर आलोक और वह लड़की पकड़े जाएं तो खुलासा हो सकता है। पीड़ित ने यह जानकारी पुलिस को दी, लेकिन इस एंगल पर जांच नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि घर रिहायशी इलाके में है और आसपास कई सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, इसके बावजूद पुलिस अब तक खाली हाथ है। पीड़ित ने एसपी गोंडा से निष्पक्ष जांच टीम गठित कर खुलासा कराने और न्याय की गुहार लगाई है। वारदात के खुलासा न होने से पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है।
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