लखनऊ - समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी 74 वर्ष का शुक्रवार रात लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में निधन हो गया। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद कई दिनों से वह पोस्टऑपरेटिव आईसीयू में भर्ती थे, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमन ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि चौधरी का संस्थान में उपचार चल रहा था। उन्हें मधुमेह और उच्च रक्तचाप समेत कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था।
निधन की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और करीबी अस्पताल पहुंचने लगे। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक भी एसजीपीजीआई पहुंचे। उनके निधन से समाजवादी पार्टी में शोक की लहर है।
कई बार बांसडीह क्षेत्र से रहे विधायक
पूर्व प्रधान मंत्री स्व चंद्रशेखर के अति करीबी रहे रामगोविंद चौधरी बलिया की बांसडीह विधानसभा सीट से कई बार विधायक रहे। वर्ष 2017 से 2022 तक उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भी जिम्मेदारी संभाली थी।
समाजवादी पार्टी की सरकारों में वह मंत्री भी रहे और पार्टी संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह सपा के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके थे।
लंबे राजनीतिक जीवन में रामगोविंद चौधरी को पूर्वांचल की राजनीति में समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिना जाता रहा। उनके निधन को समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
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