अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग का असर, सोनकर ने लहराया परचम
संसाधनों की कमी नहीं बनी बाधा, सरकारी कोचिंग से मिली नई उड़ान
समाज कल्याण विभाग की पहल रंग लाई, प्रतिभाओं को मिल रहा मंच
गोण्डा - आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UPPCS-2024) में सफलता हासिल कर सब रजिस्ट्रार पद प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
रक्षा राम सोनकर की सफलता के पीछे समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल मिला, जिसने उनकी तैयारी को मजबूत आधार दिया।
गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग के तहत अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती हैं। संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, यहां विषय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर लेखन अभ्यास और मॉडल टेस्ट भी कराए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी निःशुल्क कराई जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
रक्षा राम सोनकर की यह उपलब्धि न केवल अन्य अभ्यर्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में लागू होने पर प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में सक्षम हैं।
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