आयुक्त ने अधिकारियों को त्वरित समाधान के सख्त निर्देश दिए
आयुक्त ने 14 महिलाओं की सुनी समस्याएं,दिये समाधान के निर्देश
गोण्डा - देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने 14 महिलाओं की समस्याओं को गम्भीरता से सुना। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने भूमि विवाद, पारिवारिक उत्पीड़न, वरासत, पुलिस कार्रवाई में लापरवाही समेत विभिन्न समस्याएं रखीं। आयुक्त ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुछ मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों को जांच कर एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए । उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*विद्युत चोरी के आरोप में महिला ने लगाया मनमानी कार्रवाई का आरोप*
जनसुनवाई के दौरान गोण्डा शहर के मेवातियान मोहल्ले की निवासी रुकसाना ने विद्युत विभाग पर गलत तरीके से भारी जुर्माना लगाने की शिकायत की। प्रार्थिनी के अनुसार पिछले साल 6 अक्टूबर को जब वह अपनी मां के निधन के कारण मायके गई हुई थीं, उसी दौरान विद्युत विभाग की टीम ने उनके घर पर जांच की। उस समय घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं था। टीम ने बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाए और बिना किसी की मौजूदगी में जांच कर 1,31,544 रुपये का जुर्माना लगा दिया। रुकसाना का कहना है कि उनके घर में कोई अधिक विद्युत लोड वाले उपकरण भी नहीं हैं और वह नियमित रूप से बिल का भुगतान करती हैं। उन्होंने जांच में अनियमितता, वीडियोग्राफी व हस्ताक्षर की प्रक्रिया न अपनाने की बात कही है। पीड़िता ने आयुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
*तहसीलदार न्यायालय के आदेश के अनुपालन की मांग तेज*
देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित महिला जनसुनवाई में ग्राम भवाजिदपुर की निवासी किशना देवी ने तहसीलदार न्यायिक मनकापुर के आदेश के अनुपालन की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि एक वाद में 26 दिसंबर 2023 को पारित आदेश में भूमि पर से अतिक्रमण हटाने और क्षतिपूर्ति व निष्पादन व्यय वसूलने के निर्देश दिए गए थे। इसके खिलाफ दायर अपील को भी मुख्य राजस्व अधिकारी ने 2 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया, जिससे आदेश प्रभावी हो गया। बावजूद इसके, राजस्व विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने बताया कई बार थाना दिवस व संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित है। उन्होंने आयुक्त से शीघ्र कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।
*राजस्व न्यायालय के आदेश के अनुपालन को लेकर महिला की गुहार*
देवीपाटन मंडल में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान ग्राम सेहरिया, वजीरगंज की निवासी मुन्नी देवी ने उपजिलाधिकारी (न्यायिक) तरबगंज के आदेश के अनुपालन की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि एक वाद में जून 2025 को न्यायालय ने भूमि की पैमाइश कर सीमांकन व पत्थर स्थापित कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अब तक राजस्व अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग जबरन खेत पर कब्जा करने और रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। मुन्नी देवी ने आयुक्त से हस्तक्षेप कर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने और संबंधित विपक्षियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि विवाद का स्थायी समाधान हो सके।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए महिला ने जनसुनवाई में लगाई गुहार
गोण्डा में “माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” महिला जनसुनवाई में बहराइच जनपद की प्रिया ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गुहार लगाई। प्रिया ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई 2025 को ब्लॉक फखरपुर में एफिडेविट के आधार पर आवेदन किया था, लेकिन अब तक अनुमोदन नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा माता-पिता का आधार व राशन कार्ड तथा शैक्षिक प्रमाण मांगे जा रहे हैं, जो उनके पास उपलब्ध नहीं हैं। प्रिया ने बताया कि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनका घर से संपर्क नहीं है, जिससे आवश्यक दस्तावेज जुटाना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आयुक्त से अनुरोध किया कि ग्राम पंचायत व तहसील स्तर पर जांच कराकर जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया जाए। उनका कहना है कि प्रमाण पत्र के अभाव में वह शिक्षा व रोजगार के अवसरों से वंचित हैं।
महिला ने जमीन कब्जे व धमकी के खिलाफ जनसुनवाई में लगाई गुहार
“माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में आयोजित महिला जनसुनवाई में शांति देवी ने जमीन कब्जे और जानमाल की धमकी का गंभीर आरोप लगाया। ग्राम चन्द्रसुहा, तरबगंज की निवासी पीड़िता ने बताया कि ग्रामीण सड़क निर्माण के बाद उनकी शेष जमीन व बंजर भूमि पर विपक्षीगण कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि पूर्व प्रधान व लेखपाल की मिलीभगत से जमीन का रिकॉर्ड बदलकर पट्टा अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया और बाद में बैनामा भी करा लिया गया। पीड़िता का कहना है कि विपक्षीगण असलहा दिखाकर धमकाते हैं और घर में जबरन ताला लगाने जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। उन्होंने आयुक्त से भूमि की पैमाइश कराकर कब्जा रोकने, निर्माण कार्य पर रोक लगाने तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान करायें।
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