गोण्डा - जनपद के विकास खंड हलधरमऊ अंतर्गत केरवा घाट के पास फलाहारी कुट्टी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कटान का मामला सामने आया है। यहां लगभग 150 सागौन के हरे भरे प्रतिबंधित पेड़ों को काटे जाने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हरे-भरे सागौन के पेड़ों की इस तरह बड़े स्तर पर कटाई से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है। पेड़ों की अंधाधुंध कटान से क्षेत्र की हरियाली तेजी से खत्म हो रही है, जिससे पर्यावरण संतुलन पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में वन माफिया बेखौफ सक्रिय हैं और उन्हें जिम्मेदार विभागों की कथित शह मिली हुई है। यही वजह है कि इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में क्षेत्र पूरी तरह बंजर हो सकता है। साथ ही वन संपदा के लगातार हो रहे नुकसान से वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी खतरा बढ़ सकता है। यह मामला न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण के दावों पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली की भी पोल खोलता नजर आ रहा है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वन माफियाओं पर लगाम लगाई जा सके। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके इशारे पर उजड़ रहा जंगल और जिम्मेदार विभाग अब तक मौन क्यों है?
Apr 6, 2026
करवा घाट के पास 150 सागौन पेड़ों की अवैध कटान, जिम्मेदार मौन,वन माफियाओं के हौंसले बुलंद
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