करनैलगंज / गोण्डा - क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार शाम से ही अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है, जिसके चलते पंपों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां थोड़ा बहुत ईंधन उपलब्ध है, वहां भारी भीड़ और धक्का-मुक्की जैसे हालात बन गए हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई पेट्रोल पंपों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करनी पड़ी है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी लोगों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिल पा रहा, जिससे आम जनमानस में भारी आक्रोश है।
स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, रोज़ कमाने-खाने वाले मजदूर, किसान और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। जरूरी काम ठप पड़ते जा रहे हैं और लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
एक तरफ जनता सड़कों पर परेशान है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी इस संकट को “अफवाह” बताकर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी गोंडा जहां ईंधन की कमी से इनकार कर रहे हैं, वहीं एडीएम गोंडा का दावा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है और लोगों को पैनिक नहीं होना चाहिए।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है—खाली पड़े पंप, लंबी कतारें और मायूस लौटते लोग। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्या प्रशासन केवल दावे करेगा या जनता की परेशानी का समाधान भी निकालेगा?
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