जनपद की सभी गौ-शालाओं में सुरक्षा एवं निगरानी के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश-जिलाधिकारी
गौ-शालाओं के निकट उपलब्ध चारागाह की भूमि पर गौवंशों के लिए हरे चारे की बुआई कराने के निर्देश
गोण्डा - कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद की गौ-शालाओं के सुचारु संचालन एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने की। बैठक में जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गौ-शालाओं की वर्तमान स्थिति, गौवंशों के संरक्षण, चारा व्यवस्था एवं आधारभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विकास खण्डों में स्थित गौ-शालाओं के निकट उपलब्ध चारागाह की भूमि पर गौवंशों के लिए हरे चारे की बुआई अनिवार्य रूप से कराई जाए, जिससे गौवंशों को पौष्टिक एवं पर्याप्त चारा सुलभ हो सके और बाहरी निर्भरता कम की जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने निर्देश दिये कि जनपद की सभी गौ-शालाओं में सुरक्षा एवं निगरानी के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। साथ ही, इन कैमरों की मॉनिटरिंग हेतु मुख्यालय स्तर पर एक सुदृढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए, जिससे गौ-शालाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर त्वरित कार्यवाही की जा सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी खण्ड विकास अधिकारी स्वयं अपने विकास खण्ड की गौ-शालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करें तथा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गौ-शालाओं के संचालन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
इसके अतिरिक्त, गौ-शालाओं को सौन्दर्यीकरण के अंतर्गत विकसित करने के निर्देश भी दिये गये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकास खण्ड में गौ-शालाओं को पार्क की तर्ज पर विकसित किया जाए, जहां हरियाली, स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित ढांचे का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि गौवंशों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी एक सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रगति रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराई जाए, जिससे जनपद में गौ-शालाओं का प्रभावी एवं आदर्श संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुशील कुमार पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, समस्त बीडीओ, समस्त एडीओ पंचायत सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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