Oct 10, 2025

गन्ना बुवाई में सावधानी: अस्वीकृत प्रजाति 05191 की बुवाई न करें, स्वीकृत प्रजाति का करें अधिकतम उपयोग

गन्ना बुवाई में सावधानी: अस्वीकृत प्रजाति 05191 की बुवाई न करें, स्वीकृत प्रजाति का करें अधिकतम उपयोग

(फखरपुर बहराइच)पारले कंपनी के उप मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने ग्राम मझारा तोकली में किसानों से संवाद के दौरान कहा कि इस समय गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल समय है। उन्होंने किसानों को खेतों की तैयारी तत्काल करने और जैविक खाद में ट्राइकोडर्मा मिलाकर उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने खास तौर पर कहा कि अस्वीकृत प्रजाति 05191 की बुवाई बिल्कुल न करें, क्योंकि वैज्ञानिक जांच में यह प्रजाति अनुपयुक्त पाई गई है।किसानों को केवल स्वीकृत प्रजाति जैसे 15023, 0118, 14201, 15466, 94184, 98014, 16202, 18231 की ही बुवाई करने की सलाह दी गई है। बुवाई के दौरान 2 आंख का टुकड़ा बोने, लाइन की दूरी 4 फीट रखने, बीज शोधन करने और खाद-उर्वरक का सही प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। गन्ने के साथ सहफसल जैसे लाही, आलू, मसूर और अन्य सब्जियों की खेती करने का भी सुझाव मिला।संजीव राठी ने खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने और प्रति एकड़ 500 क्विंटल गन्ना उत्पादन के लक्ष्य को महत्व देते हुए कहा कि खेती अब एक व्यवसाय बन चुका है जिसे वैज्ञानिक रूप से करना आवश्यक है। इस अवसर पर कंपनी के अनेक अधिकारी और किसान उपस्थित थे।

गन्ना बुवाई में सावधानी: अस्वीकृत प्रजाति 05191 की बुवाई न करें, स्वीकृत प्रजाति का करें अधिकतम उपयोगपारले कंपनी के उप मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने ग्राम मझारा तोकली में किसानों से संवाद के दौरान कहा कि इस समय गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल समय है। उन्होंने किसानों को खेतों की तैयारी तत्काल करने और जैविक खाद में ट्राइकोडर्मा मिलाकर उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने खास तौर पर कहा कि अस्वीकृत प्रजाति 05191 की बुवाई बिल्कुल न करें, क्योंकि वैज्ञानिक जांच में यह प्रजाति अनुपयुक्त पाई गई है।किसानों को केवल स्वीकृत प्रजाति जैसे 15023, 0118, 14201, 15466, 94184, 98014, 16202, 18231 की ही बुवाई करने की सलाह दी गई है। बुवाई के दौरान 2 आंख का टुकड़ा बोने, लाइन की दूरी 4 फीट रखने, बीज शोधन करने और खाद-उर्वरक का सही प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। गन्ने के साथ सहफसल जैसे लाही, आलू, मसूर और अन्य सब्जियों की खेती करने का भी सुझाव मिला।संजीव राठी ने खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने और प्रति एकड़ 500 क्विंटल गन्ना उत्पादन के लक्ष्य को महत्व देते हुए कहा कि खेती अब एक व्यवसाय बन चुका है जिसे वैज्ञानिक रूप से करना आवश्यक है। इस अवसर पर कंपनी के अनेक अधिकारी और किसान उपस्थित थे।

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