Nov 11, 2022

परिवार को बताएं टीके का महत्व व बीमारी की गंभीरता

बस्ती। हेल्थ सुपरवाइजर्स की एक दिवसीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में नियमित टीकाकरण के प्रति उदासीन परिवारों को राजी करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को जानकरी दी गई। जिले में 500 बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें टीका नहीं लग सका है। स्पेशल नियमित टीकाकरण (आरआई) कार्यक्रम के दौरान ऐसे बच्चों को प्रतिरक्षित किया जाना है। कर्मी परिवार को टीके का महत्सव व बीमारी की गंभीरता को बताएंगे।   

            डीआईओ डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि कर्मी परिवार को टीकाकरण के फायदे बताएं। टीकाकरण के लिए परिवार तैयार नहीं होता है तो ब्लॉक व जिले की टीम जाकर टीकाकरण कराए। डीएचईआईओ राजेश कुमार ने कहा कि एक भी टीका न लगवाने वाले बच्चों की संख्या काफी कम है। कुछ टीके लगने के बाद बुखार आदि की समस्या स्वाभाविक है, इसको परिवार को बताएं। यूनिसेफ के रीजनल कोआर्डिनेटर मनोज श्रीवास्तव व डीएमसी अनीता सिंह ने कहा कि टीका न लगवाने वाले परिवारों में अलग-अलग तरह की भ्रांतियां हैं।    

यह वह लोग हैं जो बच्चों को होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक नहीं है। ऐसे लोगों को बार-बार समझाने की जरूरत है। प्रवासी बच्चों के मामले में जब वह अपने घर मौजूद रहे, उसी दौरान उन्हें प्रतिरक्षित कराया जा सकता है। आरआई में पोलियो, काली खांसी, गला घोंटू, मिजिल्स रूबेला, टीबी, डिप्थीरिया, निमोनिया, हेपेटाईिटस बी, जापानी इंसेफ्लाईटिस, पेचिश, टिटनेस के टीके लगाए जा रहे हैं। इस दौरान नगरीय स्वास्थ्य के जिला समन्वयक सचिन चौरसिया आदि मौजूद रहे।


            रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट

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