लखीमपुर खीरी - रक्त की एक-एक बूंद किसी जरूरतमंद के लिए जिंदगी की उम्मीद बन सकती है। इसी भावना के साथ ग्राम पंचायत भैठिया निवासी समाजसेवी आशीष पटेल ने गांव निवासी हसमत अली की बेटी के उपचार के लिए स्वेच्छा से रक्तदान किया। उनके इस कदम ने न सिर्फ जरूरतमंद परिवार की मदद की, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।
युवती के उपचार के दौरान जब रक्त की आवश्यकता पड़ी तो आशीष पटेल मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के रक्तदान किया। रक्तदान के बाद उन्होंने कहा कि जरूरत के समय किसी की मदद करने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इंसान की पहचान उसके कर्मों से होती है और मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।उन्होंने कहा कि रक्त का कोई धर्म या जाति नहीं होती। रक्त का रंग सभी के लिए एक समान है। स्वस्थ लोगों को आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि जरूरत के समय किसी की जिंदगी बचाने में मदद मिल सके।आशीष पटेल की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि ऐसे कार्य समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करते हैं।रक्तदान के इस प्रयास ने यह संदेश दिया कि इंसानियत के सामने धर्म और समुदाय की सीमाएं छोटी पड़ जाती हैं।
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