【 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस】
महिलाओं के अदृश्य संघर्ष को सलाम करने के लिए उनके सम्मान में उन्हें समान अधिकार और सम्मान दिलाने के उद्देश्य के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ ने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के लिए जायज़ कारण है महिला, स्त्री,नारी,औरत शब्द कुछ भी हो मां,बहन,बेटी,पत्नी रिश्ता कोई सा भी हो वह हर जगह सम्मान की हकदार हैं चाहे वह शिक्षक,डॉक्टर, वकील, पत्रकार,सैनिक,सरकारी कर्मी,इंजीनियर जैसे किसी पेशे में हो या फिर गृहिणी ही क्यों ना हो समानता का अधिकार उन्हें भी उतना ही है।जितना कि पुरुषों का है, आधी आबादी के तौर पर महिलाएं हमारे समाज जीवन का एक मजबूत आधार है।महिलाओं के बिना इस दुनिया की कल्पना करना ही असंभव है कई बार महिलाओं के साथ पेशेवर जिंदगी में भेदभाव होता है घर परिवार में भी कई दफा उन्हें समान हक और सम्मान नहीं मिल पाता फिर भी है संघर्ष करती है और इस दुनिया को खूबसूरत बनाने में उनका ही सर्वाधिक योगदान है।
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि"समाज में स्त्री का बड़ा महत्व है जिस घर परिवार में स्त्री शिक्षित प्रशिक्षित हो उनके बच्चे सदा ही उन्नति के पथ पर अग्रसर रहते हैं।"
इस बात में कोई दो राय नहीं कि भले ही आज जमाना कितना भी आगे क्यों ना बढ़ गया हो लेकिन महिलाओं को घर संभालने और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए ही उत्तम माना गया है आज भी हमारे आसपास कई ऐसे लोग मौजूद हैं जो घर की चारदीवारी में महिलाओं को कैद रखने को ही अपना धर्म मानते हैं।
हालांकि ऐसे लोगों को कभी इस बात को दरकिनार नहीं करना चाहिए कि औरतों के प्रति सम्मान और प्यार प्रकट करना भी जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है महिलाएं ना केवल आज अपने हक के लिए लड़ रही हैं बल्कि अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए सजग हैं।
"नारी तुम प्रेम हो,आस्था हो,विश्वास हो, टूटी हुई उम्मीदों की एकमात्र आस हो,हरजन का तुम ही तो आधार हो, नफरत की दुनिया में मात्र तुम ही प्यार हो,उठो अपने अस्तित्व को संभालो,केवल एक दिन ही नहीं हर दिन नारी दिवस बना लो।"
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई।
आपका शुभचिंतक
Pk. sharma
*मो. न.- 9838362676*


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