ईश्वर को जानने के लिए ईश्वर में लीन होना पड़ता है,
ट्रेन के चालक की तरह ईश्वर पर भी भरोसा रखें ,
स्वामी स्वरूपानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि ईश्वर को जब भी और जितना भी याद करें तो उसे पूरी तन्मयता से करें , क्योंकि एक मिनट का सत्संग भी आपकी दिशा और दशा बदल सकता है । और यदि ईश्वर के बारे में जानना हो तो उसके लिए ईश्वर में लीन होना पड़ता है । स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज मंगलवार की देर शाम कस्बे के मंदिर ठाकुरद्वारा में धार्मिक भक्त समाज के लोगों को प्रवचन कर रहे थे ।
ब्रह्मलीन वीतराग परमहंस स्वामी दयानंद गिरी जी महाराज के परम शिष्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने मंगलवार की देर शाम कस्बे के मंदिर ठाकुरद्वारा में धार्मिक भक्त समाज के अनुयायियों को अपनी अमृतमयी वाणी से अभिभूत किया । उन्होंने फरमाया कि संसार में रहते हुए काम क्रोध लोभ मोह से विरक्त होकर और अपने अंतःकरण को शुद्ध करने के बाद हमें भगवान की प्रेरणा सीधी तौर पर मिलने लगती है। और यदि हम ईश्वर को जानने और उसकी कृपा का पात्र बनने की इच्छा रखते हैं तो हमें पागलों की तरह ईश्वर में लीन होना पड़ेगा । पागल का अर्थ है पा + गल = पा के मायने है पाना और गल के मायने हैं विचार या बात । यानि के जिसके मन में ईश्वर को पाने का विचार आ जाए तो वह ईश्वर में लीन हो जाता है ।
ईश्वर पर भरोसा करने के बारे में उन्होंने कहा जिस तरह से ट्रेन के चालक पर सभी यात्री विश्वास करके ही आराम से अपने कोच में सो जाते हैं या बेफिक्र होकर बैठ जाते हैं , उसी तरह हम सबको इस सृष्टि के चालक परमपिता परमेश्वर पर भरोसा करना चाहिए । और अपने सभी अच्छे कर्म को भगवान के प्रति समर्पित करना चाहिए । तथा काम क्रोध लोभ मोह आदि से दूर रहते हुए जिन्दगी में जितना भी समय मिले ईश्वर को अपने अंतकरण से याद करना चाहिए , उनके गुणों का गुणगान करना चाहिए , क्योंकि ईश्वर के समान की वे समय की मात्रा जीवन में पढ़ती जाएगी और हमे उनकी कृपा जरूर मिलेंगी । सत्संग में रोजाना की तरह आज भी प्रणव उपासना का अभ्यास कराया गया । एक मौके पर डॉ राकेश शर्मा , नीरज मित्तल , श्री भगवान मित्तल , गोपाल मित्तल , मोहन लाल , रामकुमार कश्यप , पवन भगत जी , विनोद कुमार , प्रमोद कुमार , राहुल कश्यप , डॉ मधुसूदन , तुषार मित्तल , डॉ अशोक कुमार , विजय गुप्ता , नरेश चन्द शर्मा , मुकुल मित्तल शिवम चौहान , रामदयाल सैनी , तथा महिलाओं में नीलम , उषा संगल , विजय लक्ष्मी शर्मा , ममता , मंजू , उर्मिला चौहान , संगीता आदि काफी संख्या में श्रद्धालु महिला भी मौजूद रही ।


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