बुधवार 10 मार्च; पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैसनपुरवा मिसोलिया में प्रधानाध्यापक विनोद कुमार व स्कूल के छात्र छात्राओं के द्वारा मिशन शक्ति सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर सावित्रीबाई फुले के
चित्र पर पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम मनाया गया!
जिस अवसर पर बालक, बालिकाओं ने बढ़ -चढ़कर हिस्सा लिया कुछ बालिका ने डॉक्टर और कुछ मरीज का रोल अदा किया, जिसमें महिलाओ को जागरूक करने के लिए किया गया है अध्यापक ने सावित्रीबाई फुले का जीवन परिचय देते हुए बताया की हमारे देश की पहली महिला शिक्षिका महान समाज सुधारक थी, पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जिनका जन्म स्थान - नायगाँव सतारा (महाराष्ट्र )में 3 जनवरी 1831 में हुआ था उनके पिता का नाम खंडूजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था,
सन 1840 में केवल 9 वर्ष की आयु में ही इनका विवाह ज्योतिबा फुले के साथ हुआ महात्मा ज्योतिबा फुले एक महान विचारक समाजसेवी दार्शनिक,लेखक व संपादन और क्रांतिकारी थे ,सावित्रीबाई पढ़ी-लिखी नहीं थी ! शादी के बाद ज्योतिबा फुले ने उन्हें पढ़ना लिखना सिखाया । यह महिला दलित समाज की नहीं बल्कि देश की सर्वप्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले ने ही प्रथम शिक्षिका गौरव प्राप्त किया उस समय लड़कियों की दशा बहुत दयनीय थी लड़कियों को पढ़ने लिखने के लिए कोई अनुमति नहीं थी इस रीति को तोड़ने के लिए ज्योतिबा बाई फुले व सावित्रीबाई फुले ने सन 1848 में लड़कियों के लिए एक स्कूल स्थापित किया
जो भारत में लड़कियों को पढ़ने के लिए महिला विद्यालय की स्थापना की, सावित्रीबाई फुले स्वयं इस विद्यालय में लड़कियों को पढ़ाने के लिए जाती थी लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था उन्हें लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था, उन्होंने लोगों द्वारा फेंके जाने वाले पत्थर ,कीचड़ की मार भी झेली
धर्म के ठेकेदारों व स्त्री शिक्षा के विरोध करने वाले लोगों ने सावित्रीबाई फुले के ऊपर कूड़ा मल मूत्र भी फेंक देते थे, जिससे सावित्रीबाई फुले के कपड़े बहुत गंदे हो जाते थे इसलिए वह अपने साथ एक दूसरी साड़ी भी ले जाती थी,और स्कूल में जाकर गंदे कपड़े बदल लेती थी। इस सब के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और महिलाओं को शिक्षा देने का कार्य जारी रखा!
इसी के उपलक्ष में स्कूलों में प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर स्कूल के बालक और बालिकाएं तथा शिक्षक ने एक नाटक( ड्रामा)भी किया जिससे समाज में होने वाले कु कृतियां तथा बालिकाओं को जागरूक करने के लिए किया गया, इस अवसर पर स्कूल के छात्र छात्राओं के अभिभावक भी मौजूद रहे/
यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लड़कियों को उत्साहित
करते डॉक्टर और मरीज का अभिनव किया इस मौके पर डॉक्टर का रूूूप मंजुल कक्षा 6 आयुषी दीक्षित कक्षा 7 कुंती कक्षा आठ व आंचल ,प्रज्ञा विश्वकर्मा, वंदना सिंह आदि बालक ने मरीज और डॉक्टर का रोल निभा कर समाज को जागरूक करने का संदेश दिया ,इस मौके पर महिलाओं ने भी अपना सहयोग दिया
प्रताप बहादुर सिंह(SNC) अध्यक्ष, सुरेश कुमार बृजेश कुमार दीक्षित नान मोहन प्रेमनाथ दीक्षित हिमांशु आदि लोगों मौजूद रहे!




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