Oct 7, 2026

विकसित भारत में युवाओं की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित

 


करनैलगंज/ गोण्डा  - माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर से संबद्ध सरयू महाविद्यालय, करनैलगंज में विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण की भावना, रचनात्मक सोच एवं सामाजिक जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से "सेवा संकल्प अभियान "के अंतर्गत ‘विकसित भारत में युवाओं की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नवाचार, डिजिटल तकनीक, आत्मनिर्भरता तथा सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. बी. सिंह ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान में भी राष्ट्र की दिशा और दशा तय करने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन, कौशल विकास और अपनी प्रतिभा को निखारने के पर्याप्त अवसर मिलें, तो वे भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें, समय का सदुपयोग करें और ज्ञान, विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं का भी दायित्व है। युवा ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें और समाज में जागरूकता, समानता तथा सहयोग की भावना को मजबूत बनाएं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मार्शल स्टालिन ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के विषय की प्रासंगिकता से अवगत कराते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से रचनात्मक सोच, अनुशासन और राष्ट्रहित की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर राजा जी ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और संकल्प विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा और कौशल के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। निबंध प्रतियोगिता की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्णायक समिति के सदस्य डॉ. मार्शल स्टालिन एवं डॉ. जावेद अहमद द्वारा किया जाएगा। प्रतियोगिता का परिणाम अगले दिवस घोषित किया जाएगा, जिसके आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम में  डॉ. संजय सिंह, डॉ. त्रिपुरारी दुबे, डॉ. (श्रीमती) ममता मिश्रा, डॉ. अंतिमा सिंह,स्वामी नाथ चौधरी , ओ.पी. सिंह, शिव कुमार मौर्य, विजय यादव, बृजेश सिंह, प्रवेश कुमार,अमित सिंह, राहुल श्रीवास्तव, विनोद पांडेय, आशीष सिंह एवं उमेश पाठक सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

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