Sep 6, 2026

साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साइबर सेल गोण्डा द्वारा साइबर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशाला/प्रशिक्षण बैठक आयोजित




गोण्डा - साइबर अपराधों की रोकथाम, साइबर पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने तथा साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न पोर्टलों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग के उद्देश्य से *साइबर सेल गोण्डा* द्वारा जनपद के समस्त थानों पर नियुक्त साइबर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की साइबर कार्यशाला/प्रशिक्षण बैठक पुलिस लाइन गोंडा स्थित सभागार कक्ष में आयोजित की गई। कार्यशाला में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों की सहायता के साथ-साथ साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों एवं प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से निम्न पोर्टलों के प्रभावी उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई

1. NCRP Portal: National Cyber Crime Reporting Portal पर प्राप्त साइबर अपराध संबंधी शिकायतों की समयबद्ध जांच, आवश्यक कार्रवाई एवं शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की प्रक्रिया के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया तथा पीड़ितों की फ्रॉड धनराशि को अधिक से अधिक होल्ड/लीन करवाने की विस्तृत प्रक्रिया/SOP को बताया गया।

2. MRM Portal (Money Recovery Module): साइबर फ्रॉड में पीड़ित के खाते से ठगी गई धनराशि को संबंधित बैंकिंग चैनल के माध्यम से होल्ड/फ्रीज कराने तथा नियमानुसार पीड़ित को धनराशि वापस दिलाने की प्रक्रिया के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित की धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। 

3. ।GRM Portal (Grievance Redressal Module): साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों एवं पीड़ितों की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण हेतु प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग तथा नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में जानकारी दी गई।

4. JMIS Portal: साइबर अपराध से संबंधित प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग, आवश्यक विवरणों के अद्यतन एवं प्रकरणों की प्रगति की निगरानी हेतु JMIS पोर्टल के उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई।

5. Pratibimb Portal: साइबर अपराधों में प्रयुक्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों एवं अन्य डिजिटल सूचनाओं का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान तथा उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई में Pratibimb Portal के उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।

6. OCWC Complaints: OCWC Complaints पर प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से मॉनिटरिंग, त्वरित जांच एवं नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

7. NCMEC Complaints: NCMEC से प्राप्त बाल यौन शोषण संबंधी ऑनलाइन सामग्री/शिकायतों पर संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ त्वरित कार्रवाई करने तथा नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।

8. साइबर अपराध संबंधी घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने हेतु CYTRAIN  पोर्टल पर साइबर के बेसिक कोर्स, फोरेंसिक कोर्स और फर्स्ट रिस्पॉन्डर कोर्स के सर्टिफिकेट प्राप्त करने हेतु प्रशिक्षित किया गया।

कार्यशाला में साइबर अपराध की रोकथाम के लिए घटना के बाद की कार्रवाई के साथ-साथ साइबर जागरूकता को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। सभी थानों पर नियुक्त साइबर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक बुधवार थाना क्षेत्र के विद्यालयों, महाविद्यालयों, तहसीलों, पंचायत भवनों, बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। जागरूकता कार्यक्रमों में विशेष रूप से OTP फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी KYC, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन निवेश/ट्रेडिंग फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन, फर्जी लिंक एवं अन्य ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी आमजन को दी जाएगी। कार्यशाला में साइबर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि साइबर फ्रॉड की स्थिति में पीड़ित को तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा National Cyber Crime Reporting Portal – cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए व्यापक रूप से जागरूक किया जाए।

*गोण्डा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम, साइबर पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने तथा जनपद में साइबर जागरूकता को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।*

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