हल्की सी बारिश होते ही यह पूरा मार्ग कीचड़युक्त हो जाता है और तेज बारिश में तो तालाब में तब्दील हो जाता है। स्थिति ऐसी है कि राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले *छात्र-छात्राओं, महिलाओं, बुजुर्गों और आम राहगीरों* को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।
हादसों को न्योता दे रहा है रास्ता
रास्ता खराब होने के कारण जलभराव में अंदाजा न लग पाने से बाइक सवारों के फिसल कर गिरने और चोटिल होने की संभावना बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।
वैसे तो नगर पालिका परिषद नगर क्षेत्र में विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, पर जमीनी हकीकत कोतवाली के बगल की ये तस्वीरें खुद बयां कर रही हैं। तहसील और कोतवाली जैसे महत्वपूर्ण कार्यालयों के बगल में यह हाल है तो बाकी मोहल्लों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि जिलाधिकारी गोंडा और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और रास्ते का निर्माण कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी निदान कराएं, ताकि राहगीर दुर्घटनाओं से बच सकें। मामले में जब अधिशाषी अधिकारी करनैलगंज से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।
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