Jul 5, 2026

2 साल से बच्चों को नहीं मिला बाल पोषाहार, फीडिंग के नाम पर वसूली का आरोप- वीडियो वायरल



कर्नलगंज की ग्राम सभा पारा का मामला, आंगनबाड़ी कार्यकत्री का कथित वीडियो वायरल, जांच की मांग
 
ग्रामीणों ने कई बार की शिकायत, कोई सुनवाई नहीं, जिम्मेदार मौन

गोण्डा- सरकारी योजनाओं के धरातल पर उतरने के दावे और हकीकत में कितना फर्क है, इसका उदाहरण गोण्डा के कर्नलगंज क्षेत्र में देखने को मिला। यहां ग्राम सभा पारा की आंगनबाड़ी कार्यकत्री पर बच्चों के पोषाहार में गड़बड़ी और फीडिंग के नाम पर पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 2 वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को नियमित रूप से बाल पोषाहार नहीं दिया जा रहा। कई बार अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

वायरल वीडियो से खुली पोल-

मामला तब और बढ़ गया जब आंगनबाड़ी कार्यकत्री का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में फीडिंग के नाम पर पैसे लेने की बात कही जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद गांव में आक्रोश है। ग्रामीण अमन सिंह ने कहा कि "हमारे बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। बार-बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पैसे मांगने का वीडियो भी सामने आ गया है।" ग्रामीण वसुधा सिंह, लल्ली और ज्ञानवती आदि ने भी आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्र समय से नहीं खुलता और पोषाहार के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन मौन-

फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और जिला प्रशासन व बाल विकास विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि 2 साल से पोषाहार न मिलने की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? निगरानी तंत्र कहां था? सुपरवाइजर और सीडीपीओ ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? फीडिंग के नाम पर वसूली के आरोपों की जांच कब होगी? सरकार के नियमानुसार 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पर सप्ताह में 6 दिन गर्म भोजन और टेक होम राशन दिया जाना अनिवार्य है। इसके लिए सरकार हर बच्चे पर प्रतिदिन खर्च भी करती है।

No comments: