Jun 4, 2026

हजरत बाबा शहीद मर्द बाबा के सालाना उर्स पर मुशायरा आयोजित

करनैलगंज/ गोण्डा - हज़रत बाबा शहीद मर्द के सालाना उर्स पर मो० भैरव नाथ पुरवा में एक अज़ीमुश्शान नातिया मुशाए़रा आयोजित हुआ । मुजीब सिद्दीक़ी और डा० असलम हाशमी की सरपरस्ती में मुशाएरे की अध्यक्षता कैफ़ जरवली ने की । इमरान मसऊदी के संयोजन में संचालन तौक़ीर रज़ा जरवली,याकूब 'अज़्म' गोण्डवी व जुनैद अशरफी सुल्तानपुरी ने संयुक्त रूप से किया । शाए़रों नें नाते पाक व मनकबत के नज़राने पेश किये ।
        फौक़ बहराइची ने हज़रत मुहम्मद (स०) के हुस्न व जमाल पर कहा - 
ज़माले हज़रते युसुफ पे मत क़लम रोको - किताबे हुस्न अधूरी है मुस्तफा के बग़ैर ।
रईस सिद्दीक़ी बहराइची ने अक़ीदत से कहा -
काग़ज़, क़लम, दवात को चूमा करेंगे हम -   जब नाते पाक आपकी लिक्खा करेंगे हम ।
जुनैद अशरफी सुल्तानपुरी ने ताकीद की - 
ऐ बादे सबा थोड़ा आहिस्ता क़दम रखना - सोए हैं मुहम्मद के गुलफाम मदीने में ।
अख़तर गोण्डवी ने आक़ाए दो आ़लम (स०) को समर्पित किया -
इंसाँ को ख़ुदा का कभी इरफान न होता - मिलती न अगर राह नुमाई तेरे दर की ।
शादाब 'सरल' बढ़ौलवी ने ज़ोर देकर कहा - 
सरवरे कौनैन जैसा रहनुमा कोई नहीं - ढूंढ लो दोनों जहां में मुस्तफा कोई नही ।
तौक़ीर जरवली ने यह खूबसूरत शेर पढ़ा -
मसरूफ थे तिलावते कुरआन में हुसैन - कुरआ़न देखता रहा सूरत हुसैन की ।
तनवीर नूरी जरवली ने कहा -
इमामुल अंबिया बेशक निराली शान वाले हैं - मलाएक छूते हैं झुककर मेरे सरकार की चौखट ।
अभिषेक श्रीवास्तव ने हज़रत इमाम हुसैन के हवाले से कहा -
कहता है 'अभिषेक' तुम से ऐ अरब के वासियो - शाहे दीं का ग़म मेरे भारत में आकर देखिए ।
यासीन राजू अंसारी ने कहा -
हम दरे आले नबी के हो गये जिस दम फक़ीर - यूं लगा दोनों जहां की बादशाहत मिल गई ।
       साथ ही मुजीब सिद्दीक़ी, डा० असलम हाशमी, कैफ़ जरवली, ताज मु० कुरबान,  याकूब 'अज़्म,कौसर सलमानी, अज़ीज़ मीरगंजवी, निजामुद्दीन 'शम्स', सलीम बेदिल, वक़ार हरचंदवी, शुऐब अख़तर, अब्दुल्लाह जरवली, इमरान मसऊदी, आरिफ सिद्दीक़ी, अलहाज गोण्डवी व इरफान मसऊदी ने कलाम पेश किये ।
इस मौके पर मु० शकील, रज्जब अली, हाफिज़ हिसामुद्दीन, अब्दुल क़य्यूम सिद्दीक़ी,वसीक़, लईक, अब्दुल कलाम राईनी, इरशाद छोटकऊ, गुड्डू सिद्दीक़ी, इरफान सभासद, साजिद सिद्दीक़ी सभासद, डा० जलील अहमद, राशिद इक़बाल, इरफान अंसारी, सग़ीर सिद्दीक़ी,  रईस, शमीम, अज़ीम, मास्टर इक़बाल, राशिद सिद्दीक़ी, मेराजुद्दीन, मेराज अनवर क़ादरी, अल्ताफ हाशमी, इमरान शम्मू समेत काफी लोग मौजूद रहे । सलाम व दुआ पर मुशाए़रे का समापन हुआ ।

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