Jun 4, 2026

एसपी की अध्यक्षता में ‘‘बहू-बेटी सम्मेलन’’ जिला स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन



गोण्डा - महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध तथा लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम, महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने तथा समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोरखपुर जोन उत्तर प्रदेश पुलिस की अभिनव पहल ‘‘बहू-बेटी सम्मेलन’’ के अंतर्गत जनपद गोण्डा में जिला स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन आज दिनांक 04 जून 2026 को अमर शहीद राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी बहुउद्देशीय हॉल, पुलिस लाइन गोण्डा में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु यूनिसेफ द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत पौध भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मजिस्ट्रेट अंशुमन धुन्ना, कल कल्याण समिति के अध्यक्ष  प्रेमशंकर श्रीवास्तव, चाइल्ड काउंसलर श्रीमती नीलू त्रिपाठी, पीएसडब्ल्यू एएसएमसी गोण्डा उमेश कुमार, स्वास्थ्य विभाग से डिप्टी सीएमओ डॉ. टी.पी. जायसवाल, डीपीआरओ कार्यालय से श्री अरुण कुमार, एडीओ/बीडीओ श्री सतीश तिवारी एवं अन्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इसके अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर, जिला संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी चन्द्र मोहन वर्मा, जिला प्रोबेशन विभाग के जेंडर स्पेशलिस्ट राजकुमार आर्य, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के जिला मिशन समन्वयक  शिवेन्द्र श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा से संरक्षण, महिला हेल्पलाइन, बाल संरक्षण, लैंगिक समानता तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्राधिकारी मनकापुर श्री उदित नारायण पालीवाल द्वारा किया गया। स्वागत संबोधन के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा पुलिस विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा बहू-बेटी सम्मेलन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण सामुदायिक पहल है, जिसके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में यूनिसेफ की राज्य सलाहकार सुश्री पल्लवी राय एवं मण्डलीय बाल संरक्षण सलाहकार श्री शैलेश प्रताप सिंह द्वारा प्रतिभागियों को महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध आंकड़ों, सामाजिक कारणों एवं उनके प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध केवल कानूनी चुनौती नहीं बल्कि सामाजिक एवं व्यवहारगत समस्या भी है, जिसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। प्रशिक्षकों द्वारा ‘‘बहू-बेटी सम्मेलन’’ की अवधारणा, उद्देश्य एवं उत्पत्ति पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया गया कि यह कार्यक्रम महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े मुद्दों पर खुली एवं सकारात्मक चर्चा का मंच प्रदान करेगा। इसके माध्यम से समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव, रूढ़िवादी सोच एवं महिलाओं के प्रति हिंसा के कारणों पर संवाद स्थापित कर सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को लिंग एवं जैविक लिंग के मध्य अंतर, समाज में लैंगिक भूमिकाओं का निर्माण, पितृसत्तात्मक सोच के प्रभाव तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति व्यवहार में परिवर्तन की आवश्यकता के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, मानव तस्करी, बाल विवाह, साइबर स्टॉकिंग एवं अन्य लिंग आधारित हिंसा के विभिन्न स्वरूपों पर चर्चा की गई। सत्रों के दौरान यह भी बताया गया कि बहू-बेटी सम्मेलन के सफल संचालन में थाना स्तर पर स्थापित मिशन शक्ति केन्द्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं, किशोरियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अन्य सामुदायिक हितधारकों को जोड़कर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अभिसारी कार्ययोजना के तहत कार्य करने पर बल दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सभी थानों के लिए चरणबद्ध माइक्रो प्लान तैयार करने, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप गतिविधियों का चयन करने, समुदाय आधारित नेतृत्व विकसित करने तथा महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रभावी तंत्र विकसित करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। साथ ही प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि सम्मेलन केवल संवाद तक सीमित न रहकर ठोस कार्रवाई एवं सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित करने का माध्यम बने। *पुलिस अधीक्षक गोण्डा महोदय श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपने सम्बोधन में कहा* ‘‘किसी भी सभ्य समाज की नींव उसकी सुरक्षा, समानता और न्यायपूर्ण व्यवस्था पर आधारित होती है। यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और मानवीय गरिमा से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। इसी सोच और उद्देश्य के साथ गोरखपुर जोन में “बहू-बेटी सम्मेलन” कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इससे पूर्व भी गोरखपुर जोन के विभिन्न जनपदों में इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है।यह अभिनव पहल गोरखपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक श्री अशोक कुमार जैन की दूरदर्शी सोच एवं मार्गदर्शन का परिणाम है। उनका स्पष्ट मानना है कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, समुदाय, पंचायत, विद्यालय, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी दृष्टिकोण को व्यवहारिक रूप देने के लिए “बहू-बेटी सम्मेलन” को जनभागीदारी आधारित अभियान के रूप में विकसित किया गया है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जनपद गोण्डा के सभी 18 थाना क्षेत्रों में 18 मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई है। ये मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं एवं बालिकाओं को सहायता, परामर्श, मार्गदर्शन तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन्हीं मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से प्रत्येक गुरुवार को ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित रूप से बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इन सम्मेलनों में महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर समुदाय के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया जाता है। मुझे यह बताते हुए भी प्रसन्नता हो रही है कि दिसंबर 2025 के प्रथम सप्ताह से लेकर वर्तमान समय तक जनपद गोण्डा में कुल 414 स्थानों पर बहू-बेटी सम्मेलनों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों में महिलाओं, किशोरियों, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं, ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, आशा बहुओं तथा अन्य सामुदायिक सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही है। इन सम्मेलनों के माध्यम से बाल विवाह, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर अपराध, मानव तस्करी, लैंगिक भेदभाव तथा महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक जनजागरूकता उत्पन्न की गई है। आज आयोजित यह कार्यशाला बहू-बेटी सम्मेलन की अवधारणा, उसके प्रभावी क्रियान्वयन, जेंडर आधारित हिंसा की समझ, कानूनी प्रावधानों तथा पीड़ितों के लिए उपलब्ध सहायता तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आज यहां उपस्थित सभी अधिकारी एवं प्रतिभागी इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का उपयोग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में करेंगे तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सहयोगी वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।’’ 
कार्यशाला के समापन अवसर पर क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमती शिल्पा वर्मा द्वारा समापन उदबोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित सभी अतिथियों, यूनिसेफ के विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम तथा लिंग आधारित हिंसा के उन्मूलन के लिए सभी विभागों एवं समुदाय की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बहू-बेटी सम्मेलन के माध्यम से समाज में जागरूकता का विस्तार होगा तथा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों द्वारा महिला सुरक्षा एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने का संकल्प लिया गया। कार्यशाला के माध्यम से जनपद गोण्डा में बहू-बेटी सम्मेलन कार्यक्रम के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की गई, जिससे महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम तथा सुरक्षित एवं समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।


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