Apr 5, 2026

फर्नीचर टेंडर घोटाला: जिला समन्वयक प्रेम शंकर मिश्र की जमानत खारिज


गोण्डा - बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर आपूर्ति के नाम पर कथित रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के बड़े मामले में आरोपी जिला समन्वयक (जेम पोर्टल) प्रेम शंकर मिश्र को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) नित्या पांडे ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने पाया कि जमानत देने के लिए कोई ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके चलते याचिका निरस्त कर दी गई। इसके बाद प्रेम शंकर मिश्र को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। आरोपी प्रेम शंकर मिश्र 30 मार्च से गोंडा मंडलीय कारागार में बंद हैं। पुलिस ने उन्हें फरार चलने के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

15 करोड़ के टेंडर में कमीशनखोरी का आरोप

मामले की शुरुआत 4 नवंबर को हुई, जब मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव निवासी मनोज कुमार पांडे की शिकायत पर एंटी करप्शन कोर्ट, गोरखपुर के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप के मुताबिक, करीब 15 करोड़ रुपये के फर्नीचर आपूर्ति टेंडर में प्रेम शंकर मिश्र, तत्कालीन निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी और जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्र ने मिलकर 15 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। इतना ही नहीं, आरोप है कि तीनों ने मिलकर 50 लाख रुपये एडवांस और 26 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर भी लिए।

अतिरिक्त रिश्वत लेने का भी आरोप

प्रेम शंकर मिश्र पर 2 लाख रुपये अतिरिक्त रिश्वत लेने और उसमें से 1 लाख रुपये वापस करने का भी आरोप दर्ज है। इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अन्य आरोपी भी जांच के घेरे में

इस घोटाले में जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्र को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, हालांकि वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। वहीं, अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि जमानत याचिका में कोई ठोस आधार नहीं मिला, जिसके चलते अदालत ने इसे खारिज कर दिया। फिलहाल, इस बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में मुख्य आरोपी प्रेम शंकर मिश्र को जेल में ही रहना पड़ेगा, जबकि पुलिस अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

No comments: