Mar 23, 2026

रास्ता, पेंशन, हत्या व भूमि विवाद के मामले उठे, अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश



पाटेश्वरी शक्ति संवाद में महिलाओं की समस्याएं सुनी गईं, आयुक्त ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

सात महिलाओं ने रखी अपनी पीड़ा, आयुक्त ने निष्पक्ष जांच पर दिया जोर

जनसुनवाई में प्रशासन सक्रिय, समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर दिए निर्देश

गोण्डा -  देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर सोमवार को आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील की अध्यक्षता में “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आई सात महिलाओं ने अपनी समस्याएं सीधे आयुक्त के समक्ष रखीं। आयुक्त ने सभी प्रार्थनाओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और समस्याओं के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पिपरहवा, तरबगंज निवासी लक्ष्मी पत्नी रामबहादुर ने अपने आवागमन के रास्ते को अवरुद्ध किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनके घर के सामने से पूर्वजों के समय से उपयोग में आ रहा आबादी मार्ग गांव के कुछ लोगों द्वारा जोतकर अपने खेत में मिला लिया गया है, जिससे उनका एकमात्र रास्ता बंद हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में शिकायत करने पर लेखपाल मौके पर पहुंचे थे, लेकिन विपक्षी पक्ष द्वारा पैमाइश नहीं होने दी गई। साथ ही, विपक्षीगण द्वारा जानमाल की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से रास्ता खुलवाने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।

वहीं, रूपईडीह विकासखंड के ग्राम भुड़कुड़ा निवासी रामपियारी ने पारिवारिक आश्रित अनुकंपा पेंशन न मिलने की समस्या उठाई। उनके पति राधेश्याम प्राथमिक विद्यालय दलपतपुर में प्रधानाध्यापक थे, जिनका 25 अक्टूबर 2023 को निधन हो गया। उन्होंने बताया कि आवश्यक अभिलेख जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त विभाग में जमा करने के बावजूद दो वर्षों से पेंशन स्वीकृत नहीं हुई है। आर्थिक तंगी और खराब स्वास्थ्य के कारण उन्होंने शीघ्र पेंशन दिलाए जाने की मांग की।

इसी क्रम में थाना कटरा बाजार क्षेत्र के ग्राम बरूहा जयरामजोत निवासी निरमा सिंह ने अपने पुत्र ऋषभ सिंह की संदिग्ध मृत्यु के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2026 को उनका पुत्र गांव के कुछ लोगों के साथ गया था और 5 मार्च को उसका शव हुजूरपुर क्षेत्र में एक कुएं से बरामद हुआ। शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है और कुछ आरोपियों को बचाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।

इसके अलावा, ग्राम सेझिया, तहसील तरबगंज निवासी संजू केवट ने भूमि फर्जीवाड़े का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि उनके पिता के नाम दर्ज गाटा संख्या 331 एवं 338 की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी रजिस्ट्री और नामांतरण करा लिया गया है। उन्होंने पूर्व में पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी को भी शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षीगण लगातार धमकी दे रहे हैं और गवाहों को भी डराया जा रहा है। उन्होंने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी तथा संपत्ति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर एक सप्ताह में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इस दौरान अपर आयुक्त मीनू राणा मौजूद रही।

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