गोण्डा - नगर पालिका परिषद करनैलगंज में निर्मित दुकानों के आवंटन में गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में उत्तर प्रदेश किसान सभा जिला काउंसिल गोंडा के पदाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन मे कहा गया है कि नगर पालिका द्वारा दुकानों का आवंटन पूरी तरह अपारदर्शी और मनमाने ढंग से किया गया। न तो आवंटन प्रक्रिया के लिए कोई सार्वजनिक सूचना या विज्ञापन जारी किया गया और न ही पात्र व जरूरतमंद लोगों को आवेदन का अवसर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि चयनित लोगों को ही लाभ पहुंचाने की मंशा से प्रक्रिया को गुप्त रखा गया।
सुरेन्द्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों को कथित रूप से अवैध धनराशि लेकर दुकानें आवंटित की गईं। इतना ही नहीं, वर्तमान आवंटी इन दुकानों को अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से दूसरों को बेच रहे हैं, जबकि नगर पालिका परिषद बिना किसी स्पष्ट नियम और पारदर्शी प्रक्रिया के दुकानों का नामांतरण (ट्रांसफर) भी कर रही है। इससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को खुला संरक्षण मिलने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि यह पूरी प्रक्रिया न केवल शासन की नीतियों के खिलाफ है, बल्कि स्थानीय जरूरतमंद नागरिकों के अधिकारों का सीधा हनन भी है। जनहित से जुड़े इस मामले में नगर पालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। राज्यपाल से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, अनियमित रूप से किए गए सभी आवंटन निरस्त किए जाएं, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई हो, तथा दुकानों का पुनः आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक विज्ञापन के माध्यम से किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। उम्मीद जताई गई है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस गंभीर मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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