माता सती कथा प्रसंग सुन भाव विभोर हुए भक्त
श्रीमद् भागवत कथा का श्रोता ले रहे आनंद
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कैसरगंज (बहराइच ) विकासखंड कैसरगंज में ग्राम कहरई में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन माता सती की कथा व्यास सरिता यादव शास्त्री ने सुनाया माता सती के पिता दक्ष ने एक विशाल यज्ञ किया था और उसमें अपने सभी संबंधियों को बुलाया। लेकिन बेटी सती के पति भगवान शंकर को नहीं बुलाया। जब सती को यह पता चला तो उन्हें बड़ा दुख हुआ और उन्होंने भगवान शिव से उस यज्ञ में जाने की अनुमति मांगी। लेकिन भगवान शिव ने उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि बिना बुलाए कहीं जाने से इंसान के सम्मान में कमी आती है। लेकिन माता सती नहीं मानी और राजा दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में पहुंच गई। वहां पहुंचने पर सती ने अपने पिता सहित सभी को बुरा भला कहा और स्वयं को यज्ञ अग्नि में स्वाहा कर दिया। जब भगवान शिव को ये पता चला तो उन्होंने अपना तीसरा नेत्र खोलकर राजा दक्ष की समस्त नगरी तहस-नहस कर दी और सती का शव लेकर घूमते रहे। भगवन विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के टुकड़े-टुकड़े किए। जहां शरीर का टुकड़ा गिरा वहां-वहां शक्तिपीठ बनी। कथा व्यास सरिता यादव शास्त्री के माता सती की मार्मिक कथा प्रसंग से भाव विभोर हुए श्रद्धालु। भागवत कथा के दौरान युवाओं को माता-पिता की सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होने माता-पिता का अपने पुत्र के प्रति त्याग एवं समर्पण को दर्शाया। कथा के दौरान कथा व्यास सरिता यादव शास्त्री द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति की गयी जिसमें ढोलक वादक , दीपक कैशियो मास्टर , सत्यनाम उर्फ नन्हा अर्गन वादक अपने वाद यन्त्र से भजनों की धुनों में भक्तो को झुमाते रहे कार्यक्रम के मुख्य यजमान प्रेमराज यादव ग्राम प्रधान सुरेश यादव , धर्मराज कोटेदार , रामबहादुर यादव , केशवराम , परशुराम, लालविक्रम यादव , सन्तोष कुमार , श्रीकान्त, उमाप्रसाद , रमेश यादव, बुधई , रत्तीपाल , लालजी , प्रेम प्रकाश, रामसिंह , विजय कुमार सहित भारी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे ।

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