Oct 4, 2023

सरकार के दिशा निर्देश को ताख पर रख डॉक्टर साहिब लिख रही बाहर की जांच और दवा

 


कटरा बाजार/गोंडा: योगी सरकार भले ही शिक्षा, चिकित्सा,और सुरक्षा पर लाख दावे कर ले लेकिन धरातल पर इसकी सच्चाई कुछ और ही है।योगी सरकार गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए हमेशा बचनवद्ध रही है।और समय समय पर जन कल्याणकारी योजनाएं लागू कर गरीबो के हित के लिए हमेशा प्रयासरत रही है।लेकिन स्वास्थ विभाग की कुर्सी पर बैठे कुछ भ्रष्ठ  आधिकारी सरकार की इस मंशा पर पानी फेर रहे हैं।और दूर दराज से मुफ्त इलाज की आस लिए आये हुए मरीजों को  मोटी कमीशन के खातिर बाहर  की महगी जांच और दवा लिख दी जाती है।जिससे उनकी खुन पसीने की गाढ़ी कमाई दवाओं की खरीददारी और जांच मे स्वाहा हो जाती है। भले ही गरीब इसके चलते कर्ज मे आ जाये या गुजारे के लिए रखी उसका पैसा पानी खर्च होके उसके जीवन यापन मे कठिनाई उतपन्न कर दे। लेकिन कुर्सी पर बैठे साहब को मोटा कमीशन् आ  जाता है। जिससे इनकी और इनके आकाओ की जेबे गर्म हो जाती है।ताजा मामला तहसील कर्नेलगंज अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार का है,जँहा पर बिगत कुछ दिनों से मरीजों को आस्पताल मे सरकार द्वारा बितरण के भेजी गयी जीवनदायनी दवाओ की चिकित्सको द्वारा बहार की दवा लिखी जाने की सूचना मिल रही थी।जब पत्रकारों ने इसकी पड़ताल की तो पाया गया की,कुछ दवाओं को छोड़कर लगभग दवाये बाहर की लिखी पायी गयी।जब इस मामले पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक एम.पी.यादव से बात की गयी तो उन्होंने खुद को दूध का धुला बताते हुए सारा मामला अपने कर्मचारियों पे डाल दिया।अब सवाल ये है,कि  लगभग छः माह से अधीक्षक की कुर्सी पर पैर फैलाये बैठे हुए साहब को इसकी कानो कान भनक क्यो नहीं लगी जो इनके कार्यशैली पर सवालिया निशान और संलिप्तता पर शक का घेरा खड़ा करती है।

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