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Jan 17, 2023

पवित्र माघ मेला में धर्मांतरण की बड़ी साज़िश का खुलासा, आबूधाबी से जुड़ा है आरोपियों का कनेक्शन।

 प्रयागराज के माघ मेले में धर्मांतरण की साजिश का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने मेला क्षेत्र से मुस्लिम और हिंदू धर्म से संबंधित आपत्तिजनक लेख वाली 204 पुस्तकों को जब्त किया है। साथ इस कार्य में लिप्त तीन युवकों को भी हिरासत में ले लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अपराध शाखा श्री सतीश कुमार ने पत्रकारों को बताया, "इनके पास से जो किताबें बरामद की गई हैं। वे माघ मेले में बेची जा रही थीं। उनमें कुछ ही हिंदू धर्म की पुस्तकें हैं। शेष किताबें इस्लामिक हैं। हिंदू धर्म की पुस्तकों में जो श्लोक लिखे हुए हैं, उनकी इन्होंने गलत तरीके से व्याख्या की है। इससे उनके इरादे संदिग्ध प्रतीत होते हैं।"

पुलिस अधीक्षक अपराध शाखा सतीश कुमार ने बताया कि आरोपियों के नाम महमूद हसन गाजी, मोहम्मद मोनिश और समीर हैं। गिरोह का सरगना गाजी है। वह फतेहपुर का रहने वाला है। वह प्रयागराज के मरियाडीह में इस्लामिया हिमदादिया मदरसे में टीचर है। वह पैगामे बहदानियत संस्था का अध्यक्ष भी है। वहीं, मोहम्मद मोनिश उर्फ आशीष कुमार गुप्ता प्रयागराज के सरायइनायत का रहने वाला है और वह
 मोनिश स्टूडेंट इस्लामिक आर्गनाइजेशन पूर्वी उत्तर प्रदेश का जोनल सचिव है। समीर उर्फ नरेश कुमार सरोज कौशांबी के चायल थाने का रहने वाला है। समीर गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वह विभिन्न स्थानों पर घूम- घूम कर इस्लामिक किताबें और पर्चे बांटता है।
इसके लिए उसे आबूधाबी से आर्थिक मदद मिलती थी। इसके बाद धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मुख्य आरोपी गाजी हिंदू धर्म के वेद, ऋचाओं आदि से श्लोक प्रिंट करता था। इसके बाद श्लोकों का अर्थ का अनर्थ निकालकर दुष्प्रचार करता था। इसके जरिए निर्धन परिवार के युवा लड़कों को धोखे से बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराता था। पुलिस अधीक्षक (अपराध शाखा) ने बताया कि इनमें से पकड़े गए दो आरोपी पूर्व में हिंदू थे। परंतु इन्होंने मौजूदा समय में मुस्लिम धर्म अपना लिया है। इनका मुख्य लक्ष्य हिंदू धर्म स्थानों, मेलों आदि में जाकर धार्मिक पुस्तकों को बांटना है। ये लगभग दो वर्ष से ऐसा कर रहे थे।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मो. मोनिश और समीर के दो-दो आधार कार्ड मिले हैं। इनके पास पहले हिंदू के आधार कार्ड भी हैं और बाद में मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद मुस्लिम धर्म का भी आधार कार्ड बनवा लिया था। इसके अलावा इनके पास 204 संदिग्ध धार्मिक पुस्तकें, 3 एंड्रॉयड फोन, 2600 रुपए नकद, 1 ठेला (पुस्तक बेचने के लिए स्टाल ) और 1 डायरी बरामद हुई है जिससे तमाम अहम जानकारी हाथ लगी है। पूछताछ में पता चला है कि यदि यह लोग हिंदू धर्म स्थल पर जाते थे, तो हिंदू का और मुस्लिम धर्म स्थल पर मुस्लिम आधार कार्ड दिखाते थे।

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