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Jan 21, 2023

ढ़ाई वर्ष बाद खुशी दूबे जेल से बाहर निकली, प्रियंका गांधी के अनुरोध पर राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने दिलाई जमानत।


कानपुर में बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 को हुए गोलीबारी में अपराधियों को उकसाने की आरोपी खुशी दुबे आखिरकार शनिवार शाम को जेल से बाहर आ गई। लगभग 30 महीने के बाद खुशी दुबे को रिहाई मिली है। हालांकि खुशी दुबे को उच्चतम न्यायालय ने 4 जनवरी को जमानत दे दी थी। परंतु जमानत और जमानतदारों के सत्यापन में 18 दिन का समय लग गया।
शनिवार को कोर्ट से खुशी को जेल से रिहा करने के लिए आदेश भेज दिया गया है। खुशी के माता-पिता और बहन समेत वकील कानपुर देहात की माती जेल पहुंचे हुए थे।

जमानत मिलने के बाद भी खुशी दुबे को 18 दिन जेल में रहना पड़ा बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे का न्याय दिलाने के लिए कानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने खुशी के बेगुनाह होने का दावा करते जेल से बाहर लाने का बीड़ा उठाया था। जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में खुशी की जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
 कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने खुशी दुबे की जमानत के सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा को जिम्मेदारी दे रखी थी । इसके बाद कड़ी पैरवी की बदौलत खुशी दुबे को सुप्रीम कोर्ट से 4 जनवरी को जमानत मिल गई थी। जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शनिवार शाम को उसको कारागार से रिहा किया गया।

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