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Sep 16, 2022

अयोध्या से बस्ती तक सवा दो घंटे सरयू में किया संघर्ष, बच गई जान

"जाको राखे साइयां मार सके ना कोय।बाल ना बाका कर सके जो जग बैरी होय।।"
यह कहावत तब चरितार्थ हुई जब एक व्यक्ति ने करीब दो घंटे तक सरयू नदी में संघर्ष करके अपनी जान बचाई।
बस्ती। अयोध्या में गुरुवार को पितृपक्ष में श्राद्ध करने गया गोंडा का एक व्यक्ति सरयू नदी की धारा में बह गया। जान बचाने के लिए सवा दो घंटे तक वह नदी की लहरों से संघर्ष करता रहा। पांच किलोमीटर दूर बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के गौरिया नयन गांव के पास पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार गोंडा जनपद के मनकापुर थाना क्षेत्र के अशरफपुर गांव निवासी भानु प्रताप मिश्र पुत्र ऋषिकेश मिश्र गुरुवार की सुबह पितृपक्ष में श्राद्ध व दर्शन के लिए अयोध्या गए थे। स्नान के दौरान पैर फिसलने से अनियंत्रित होकर वह नदी की धारा में बहने लगे। काफी प्रयास के बावजूद वह निकल नहीं पाए और बहते हुए पांच किलोमीटर दूर बस्ती जिले के छावनी थानांतर्गत गौरिया नयन तक पहुंच गए। लगभग सवा दो घंटे तक वह नदी में जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे। बताया जा रहा है कि वह तैरना भी जानते थे। गौरिया नयन में किसी ग्रामीण को लगा कि नदी में शव उतरा रहा है और उसने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से उन्हें बाहर निकाला। चौकी प्रभारी विक्रमजोत ओम प्रकाश मिश्र मौके पर पहुंचे और देखा कि डूब रहे व्यक्ति के हाथों में हरकत है। उन्हें वहां से निकालकर चौकी पर लाया गया। भोजन आदि कराने के बाद उनके परिजनों को सूचित किया गया। सूचना पर पहुंचे भानु प्रताप के बेटे श्याम बाबू मिश्र वहां पहुंचे और पिता को अपने साथ ले गए।    

          रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट

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