नौ अगस्त की सुबह छह बजे हड़ही गांव के दक्षिण मनोरमा नदी में पड़ोस गांव के कुछ लोग मछली पकड़ने गए थे। उनकी नजर नदी के किनारे झाड़ी में पेड़ की टहनी से दबे शव पर पड़ी। उन लोगों ने गांव में आकर लोगों को इसकी जानकारी दी। चौकीदार गिरिजेश पांडेय ने थाने पर सूचना दी। कप्तानगंज के थानेदार सत्येंद्र कुंवर टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शव को पानी से निकलवाया। शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
एसपी आशीष श्रीवास्तव, एएसपी, सीओ कलवारी और फोरेसिंग टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर पूछताछ की। देखने से ऐसा लग रहा था पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ फेंका गया था। सिर के सारे बाल गायब थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया था। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार हड़ही गांव के दक्षिण मनोरमा नदी में जहां पर युवती का शव मिला है, उस जंगली इलाके में बिना स्थानीय लोगों के सहयोग से कोई पहुंच ही नहीं सकता है। वहां वाहन पहुंचने की गुंजाइश भी नहीं है। यह माना जा है कि उसकी कहीं और हत्या कर शव फेंका गया होगा। चर्चा है कि या तो युवती आसपास के गांव की होगी या उसे लाने वाले यहीं के होंगे। एसपी ने बताया कि पुलिस हर बिंदुओं पर काम कर रही हैं। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट
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