केशव ने यहां तक कहा कि 25 साल तक उनकी सरकार नहीं आने वाली है। अखिलेश पहले अपनी पार्टी संभालें। सपा के 100 विधायक पहले से ही भाजपा में आने के तैयार हैं, लेकिन हमें अभी उनकी जरूरत नहीं है। केशव ने कहा कि अखिलेश इस तरह की बातें केवल मीडिया में बने रहने के लिए करते हैं। विधानसभा में भी उन्होंने ऐसी ही बातें की थीं। जब उनकी बातों का जवाब दिया गया तो मेरे लिए घृणित भाषा का इस्तेमाल किया गया। पिछड़ी जाति के नेताओं के साथ अखिलेश का इसी तरह का व्यवहार रहता है। वह पिछड़ी जाति के किसी नेता को नहीं चाहते हैं। वह केवल फूट डालो और राज करो की पॉलिसी पर चलना जानते हैं।
केशव ने कहा कि वो एक सामंतवादी मानसिकता के बन चुके हैं। सपा नाम की कोई पार्टी नहीं है। एक परिवार की पार्टी है। उनके दावे में कोई दम नहीं है। भाजपा अपने आप में इतनी मजबूत पार्टी है। इसको किसी के सहारे की जरूरत नहीं है। हमारे गठबंधन के जो साथी हैं, वो हमारे साथ हैं। उनके साथ मिलकर हम सरकार चला रहे हैं।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने भी केशव का बचाव करते हुए अखिलेश पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि केशव प्रसाद मौर्य भाजपा की विचारधारा के लिए समर्पित कार्यकर्ता हैं। वह सदैव हमारे साथ रहेंगे, किसी स्वार्थ में पड़ने वाले नेता नहीं हैं। वह अखिलेश को चलाएंगे, अखिलेश उन्हें क्या चला पाएंगे?
रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट
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