Aug 2, 2022

साल में सिर्फ एक दिन खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर, भक्तों को होती है अलौकिक प्रतिमा का दर्शन


उज्जैन-आज सावन माह की नागपंचमी है. इसलिए कल रात 12 बजे से नागचंद्रेश्वर मंदिर का पट चौबीस घंटे के लिए खोले गए हैं. मध्य रात्रि में भगवान नागचंद्रेश्वर महादेव का विशेष पूजन अर्चन करने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. इस बीच लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन कर रहे हैं. मंदिर का पट मंगलवार की रात्रि 12 बजे बंद कर दिया जाएगा. भगवान नागचंद्रेश्वर की मूर्ति बहुत पुरानी और अद्भुत है. बताया जाता है कि यह प्रतिमा 11 वीं शताब्दी का है. इसे नेपाल से लाया गया था. ऐसी मान्यता है कि ऐसी प्रतिमा दुनिया भर में कहीं नहीं. यह एक मात्र ऐसा मंदिर है जिसमें भगवान शिव अपने परिवार के साथ सांपों की शय्या पर विराजमान हैं. बता दें कि साल में एक बार नाग पंचमी के दिन भक्तों को भगवान शिव और उनके अलंकार नागदेवता के मूर्ति व लिंगरूप दोनों के दर्शन होते हैं. नागपंचमी के दिन भगवान नागदेवता की त्रिकाल पूजा होती है. मंगलवार की रात 12 बजे दर्शन पूजन करने के बाद पुनः नागचंद्रेश्वर मंदिर का गर्भगृह एक साल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

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