संत कबीरनगर -- यूपी के संतकबीरनगर जिले के थानों पर पहुंचने वाले पीड़ितों के प्रार्थना पत्र पर अब एनसीआर नहीं दर्ज की जायेगी बल्कि पीड़ितों का प्रार्थना पत्र मिलने के बाद सीधे एफआईआर दर्ज होगा। पुलिस विभाग ने इसे धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दिया है। थाने पर पहुंचने वाले पीड़ितों को परेसान होने से बचाने के लिये उच्चाधिकारियों ने पहल शुरू कर दी है। जिले के सभी थानों पर छोटे, मध्यम विवादित मारपीट व अन्य मामलों में थाने पर पहुंचने वाले फरियादियों के शिकायत पत्र पर स्थानीय पुलिस एनसीआर दर्ज कर अपना पीछा छुड़ा लेती थी। एनसीआर दर्ज होने के बाद पीड़ित का मेडिकल परीक्षण पुलिस अभिरक्षा में कराया जाता है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद एनसीआर के मामले में धारा परिवर्तन किया जाता है।
रूधौली बस्ती से अजय पांडेय की रिपोर्ट।
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