Dec 23, 2021

डीएम ने नौनिहालों को विटामिन ए की खुराक पिलाकर बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह का किया शुभारंभ

गोण्डा - बच्चों में रतौंधी, कुपोषण सहित अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए एक महीने तक चलने वाले बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह का जनपद में गुरुवार को शुभारंभ का किया गया जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने जिला महिला अस्पताल में बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाकर माह का शुभारंभ किया द्य इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माह के दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए के साथ ही साथ जीवन रक्षक टीके भी लगाए जाएंगे।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अभिभावक बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाने के साथ ही सम्पूर्ण टीकाकरण अवश्य करायें, जिससे बच्चा स्वस्थ और निरोगी जीवन जीने के साथ ही समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आरएस केसरी ने बताया कि बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह में नौ माह से 5 साल तक के कुल 4 लाख 42 हजार 179 बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है द्य बच्चों में रतौंधी,कुपोषण व अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम कर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक साल में दो बार विटामिन ए की खुराक पिलाई जाती है द्य इस हेतु हर छः माह पर यानि बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह उत्सव के रूप में प्रदेश भर में मनाया जाता है द्य इस दौरान शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में वहां की एएनएम द्वारा आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से क्षेत्र के तीन माह से पांच साल के सभी बच्चों को वीएचएसएनडी सत्रों पर विटामिन ए की खुराक दी जाती है साथ ही उन्होंने जनपदवासियों से बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाने और सम्पूर्ण टीकाकरण कराने का अपील किया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ जय गोविन्द ने बताया कि बच्चे को विटामिन ए की पहली खुराक 9 माह की आयु होने पर पिलाई जाती है द्य इसके बाद प्रत्येक छः माह के अंतराल पर 5 वर्ष तक बूस्टर डोज दी जाती है द्य विटामिन ए की खुराक पीने से बच्चों में रतौंधी की बीमारी नहीं होती है तथा बच्चे के रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है द्य उन्होंने बताया कि माह के आयोजन के सम्बन्ध में माइक्रोप्लान तैयार कर कार्ययोजना बना ली गयी है द्य साथ ही सभी सम्बंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पत्र के माध्यम से जरूरी निर्देश भी दिए गए हैं।
इस अवसर पर डॉ सीएमएस डॉ सुषमा सिंह, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ शालू महेश, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ विनय डांगे व डीएमसी यूनिसेफ शेषनाथ सिंह, चीफ फार्मासिस्ट सालिकराम त्रिपाठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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