चंदना बावरी की कहानी, 3 गाय, तीन बकरियां और एक झोपड़ी की मालकिन बनी विधायक मन और दिल साफ होने से लोगों के दिल में जगह बनाये जा सकते हैं।
गरीब घर की चंदना बावरी 3 गाय 3 बकरी और एक झोपड़ी की मालकिन होने वाली महिला बनी पश्चिमी बंगाल में विधायक ।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी भले सरकार ना बना पाई हो लेकिन पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 77 सीटों पर जीत मिली है। जिनमें से कई सीटों पर चर्चा हो रही है, उसमें से एक सीट पर बीजेपी की महिला उम्मीदवार की जीत की चर्चा हर तरफ फैली हुई है। सालतोरा से चुनाव लड़ने वाली चंदना बावली ने टीएमसी उम्मीदवार संतोष मंडल को हरा दिया है। लेकिन सच की जीत से ज्यादा चर्चा इनकी सादगी और आर्थिक स्थिति की हो रही है। बांकुड़ा जिले से आने वाली सालतोरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर चंदना बावरी चर्चा में आ गई हैं , क्योंकि वह एक बेहद गरीब परिवार से आती हैं संपत्ति के नाम पर उनके पास 3 बकरियां 3 गाय और एक झोपड़ी है । उनके घर में टॉयलेट तक भी नहीं है उनके पति एक दिहाड़ी मजदूर हैं जो रोजाना ₹400 की दिहाड़ी करके कमा पाते हैं चुनाव आयोग को दिए शपथ पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार उनकी कुल अचल संपत्ति एक ₹32985 हैं । जबकि उनके पति की अचल संपत्ति ₹30311 हैं। उनके पति के पास किसी भी तरह की कृषि भूमि नहीं है। बावरी ने 4000 वोटों से तृणमूल कांग्रेस के संतोष कुमार मंडल को हरा दिया। एक झोपड़ी में रह कर गुजारा करने वाली चंदना बावरी की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इनके प्रति दिहाडी मजदूर हैं और मजदूरी से ही अपना घर परिवार चला रहे हैं। चंदना अपने पति के मजदूरी के साथ हाथ बढ़ाती हैं चंदना ने 12वीं तक पढ़ाई की है। जबकि उनके पति आठवीं पास हैं पति पत्नी का दोनों के मनरेगा कार्ड है। लेकिन चंदना बावरी पर जनता ने अपना भरोसा जताया । चंदना बावरी की सफलता से इतना कहा जा सकता है कि आज के इस आधुनिक युग में सादगी और गरीबि मै बिना पैसों की राजनीति की जा सकती है । चंदना के विधायक बनने से लोगों को उम्मीद जगी है, कि उनके दुख दर्द को समझते हुए काम करेंगे और गरीबों के दुख दर्द को समझेंगी।


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