Oct 26, 2026

October 26, 2026

चोरी की तीन घटनाओं का खुलासा,एक गिरफ्तार,आभूषण, नकदी, देशी शराब व घटना में प्रयुक्त उपकरण बरामद


गोण्डा - विगत 12/13.10.2026 की रात्रि में कहोबा-डुमरियाडीह रोड के किनारे स्थित कम्पोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान में चोरी की घटना तथा दिनांक 22/23.10.2026 की रात्रि में ग्राम कुंदुरखी स्थित देशी शराब की दुकान एवं दो घरों में चोरी की घटनाएं घटित हुई थीं। उक्त घटनाओं के संबंध में थाना मोतीगंज पर क्रमशः मु0अ0सं0 224/2026 धारा 305, 331(4) बीएनएस, मु0अ0सं0 239/2026 धारा 305(क), 331(4) बीएनएस एवं मु0अ0सं0 240/2026 धारा 305, 331(4) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किए गए थे।


मामले में थाना मोतीगंज क्षेत्र में चोरी की घटनाओं के अनावरण एवं चोरी गए माल की बरामदगी हेतु पुलिस टीम क्षेत्र में भ्रमणशील थी। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि चोरी की घटनाओं में संलिप्त व्यक्ति मोटरसाइकिल से कुन्दरुखी की तरफ से आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा चैनवापुर के पास घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्ति भागने लगे, जिन्हें पुलिस टीम ने घेरकर पकड़ लिया। गिरफ्तार व्यक्तियों में गैंग का सरगना आशीष कुमार मिश्रा पुत्र भानु प्रताप मिश्रा व उसका बालअपचारी साथी शामिल हैं। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से चोरी के 02 जोड़ी पायल (सफेद धातु), 02 जोड़ी बिछिया, देशी शराब के 23 टेट्रा पैक तथा ₹30,600/- नकद बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त चोरी की घटनाओं में प्रयुक्त होने वाले आला नकब के रूप में 01 अदद सब्बल एवं 01 अदद पेचकस भी बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पूछताछ के दौरान अभियुक्त आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि उसने अपने साथियों अभिषेक तिवारी एवं कल्लू सोनकर तथा विधि का उल्लंघन करने वाले किशोर के साथ मिलकर दिनांक 12/13.10.2026 की रात्रि में कहोबा-डुमरियाडीह रोड स्थित कम्पोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान की खिड़की तोड़कर बीयर, अंग्रेजी शराब एवं काउंटर में रखे रुपये चोरी किए थे। इसके अतिरिक्त दिनांक 22/23.10.2026 की रात्रि में ग्राम कुन्दरुखी में श्रवण कुमार मौर्य एवं राम केतार के घरों तथा देशी शराब की दुकान में चोरी की घटना कारित करना स्वीकार किया। अभियुक्त ने बताया कि चोरी किए गए सामान को बेचकर प्राप्त रुपये आपस में बांट लिए थे।
October 26, 2026

मिशन शक्ति टीमों द्वारा गांवों में पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को किया गया जागरूक

 

 गोण्डा  - मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनपद गोण्डा के समस्त थानों की मिशन शक्ति टीमों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान मिशन शक्ति टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें नारी सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं स्वावलंबन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को बताया गया कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने के साथ-साथ साइबर अपराध के विभिन्न तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते से संबंधित विवरण, ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी अथवा अन्य गोपनीय सूचनाएं साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध कॉल एवं मैसेज के माध्यम से भेजे गए प्रलोभनों में आने तथा सोशल मीडिया पर अपरिचित व्यक्तियों से सावधानीपूर्वक संवाद करने के संबंध में भी जागरूक किया गया। इसके साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अपनी निजी तस्वीरें एवं जानकारियां साझा करते समय सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान मिशन शक्ति टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सम्मान एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, पीछा करने, अभद्र व्यवहार, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न अथवा अन्य किसी अप्रिय घटना की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि तत्काल पुलिस को सूचना दें। उन्हें यह भी बताया गया कि पुलिस महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है तथा उनकी शिकायतों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त महिलाओं एवं बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करते हुए अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में बिना किसी भय या संकोच के सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान मिशन शक्ति टीमों द्वारा महिला सुरक्षा एवं सहायता से संबंधित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, जिनमें वीमेन पावर लाइन-1090, महिला हेल्पलाइन-181, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन-1930 प्रमुख हैं। महिलाओं एवं बालिकाओं को इन हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। गोण्डा पुलिस द्वारा मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गोण्डा पुलिस आमजन से अपील करती है कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या अपराध की जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

October 26, 2026

गोण्डा में 27 और 28 अक्टूबर को करियर काउंसिलिंग कार्यशाला का आयोजन



गोण्डा -  सेवायोजन विभाग के रोजगार मिशन के अंतर्गत गोण्डा में विद्यार्थियों एवं युवाओं के मार्गदर्शन के लिए दो दिवसीय करियर काउंसिलिंग कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में लखनऊ की प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर, करियर कोच, मनोवैज्ञानिक सलाहकार एवं लेखिका डॉ. अंकिता राज विद्यार्थियों को सही करियर का चयन करने, परीक्षा में सफलता प्राप्त करने, व्यक्तित्व विकास तथा तनाव प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगी।

27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे सेंट जेवियर्स हायर सेकेंडरी स्कूल पंत नगर, गोण्डा में तथा 28 अक्टूबर  को सुबह 11 बजे श्री लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोण्डा में करियर काउंसिलिंग कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर सहायक निदेशक सेवायोजन राजीव सिंह भी उपस्थित रहेंगे।

जिला सेवायोजन अधिकारी गोण्डा प्रिया गौतम ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के रोजगार मिशन द्वारा इन कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप सही करियर चुनने में सहायता प्रदान करना तथा उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला में विद्यार्थियों को करियर चयन के विभिन्न विकल्पों, परीक्षा की बेहतर तैयारी, सफलता के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने, आत्मविश्वास बढ़ाने, व्यक्तित्व विकास और मानसिक तनाव को नियंत्रित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।

सेवायोजन विभाग की इस पहल से विद्यार्थियों एवं युवाओं को करियर संबंधी उचित दिशा प्राप्त करने तथा अपने भविष्य की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
October 26, 2026

रामलीला मैदान दशहरा विवाद,पुलिस की एफआईआर पर पक्षपात की सुगबुगाहट , आयोजक व अन्य पक्ष को क्लीन चिट क्यों?



मंच पर चढ़ने में धक्का मुक्की में एकपक्षीय एफआईआर, विधिक प्रक्रिया और आयोजक की जिम्मेदारी पर उठे सवाल 

करनैलगंज/गोण्डा। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के रामलीला मैदान में 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा मेले के दौरान मंच पर चढ़ने को लेकर हुए हंगामे व धक्का - मुक्की मामले में दर्ज एफआईआर की वैधानिकता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दर्ज एफआईआर को लेकर स्थानीय लोगों में सुगबुगाहट के साथ आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए मेले के मुख्य आयोजक और विवाद के दूसरे पक्ष को पूरी तरह बाहर रखा।

 जानकारी के अनुसार 20 अक्टूबर को रामलीला मैदान में कार्यक्रम के दौरान धक्का - मुक्की को लेकर विवाद हुआ। इस संबंध में 21 अक्टूबर को कस्बा चौकी इंचार्ज की तहरीर पर करनैलगंज कोतवाली में स्व .विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के सुपुत्र कुंवर शारदेन मोहन सिंह के 40-50 अज्ञात समर्थकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। वैधानिक रूप से एफआईआर पर कई बड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

आयोजक की वैधानिक जिम्मेदारी से आखिर किनारा क्यों?

विधि के अनुसार किसी भी सार्वजनिक मेले/रामलीला/दशहरा आयोजन के लिए अनुमति लेना, मंच की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, और कानून-व्यवस्था बनाए रखना मुख्य आयोजक का वैधानिक दायित्व होता है। किसी भी अप्रिय घटना पर आयोजक की भूमिका की जांच प्रथम दृष्टया आवश्यक है। ऐसे में एफआईआर में आयोजक का नाम तक न होना विधिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।

दो पक्षों के धक्का - मुक्की विवाद में एक पक्षीय अभियोग क्यों?

कथित तौर पर विवाद मंच पर चढ़ने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ था। भारतीय न्याय संहिता के तहत यदि घटना में दो पक्ष शामिल हैं तो दोनों पक्षों के कृत्य की विवेचना होना न्यायसंगत है। फिर केवल एक पक्ष को अभियुक्त बनाना और दूसरे पक्ष को जांच से बाहर रखना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत माना जा रहा है।

मौके पर त्वरित कार्रवाई का अभाव 

यदि मौके पर हंगामा हुआ और वहां भारी फोर्स मौजूद रही तो पुलिस द्वारा मौके पर ही निरोधात्मक कार्रवाई कर आरोपियों को हिरासत में क्यों नहीं लिया गया? 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होना यह प्रश्न उत्पन्न करता है कि क्या यह त्वरित विधिक कार्रवाई थी या किसी के परामर्श / दबाव के बाद की गई कार्रवाई?

मामल में आयोजक को क्लीन चिट कैसे?

स्थानीय लोगों का कहना है कि बगैर आयोजक से पूछताछ और उसकी अनुमति/व्यवस्था की जांच के, उसे क्लीन चिट देना विवेचना को प्रभावित कर सकता है।

स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं का कहना है कि निष्पक्ष विवेचना के लिए बीएनएसएस की धारा 173 के तहत दर्ज इस एफआईआर में रामलीला दशहरा मेले के मुख्य आयोजक/अनुमति धारक और विवाद के अन्य पक्ष की भूमिका की जांच कर उनके नाम विवेचना में शामिल किया जाना न्याय संगत होगा। सामाजिक लोगों मांग है कि यदि उच्चाधिकारी पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर क्षेत्राधिकारी स्तर से निष्पक्ष जांच कराये तो दूध का दूध और पानी का पानी अलग हो सकता है। यदि आयोजक की लापरवाही या दूसरे पक्ष की संलिप्तता पाई जाये तो उनपर भी विधि सम्मत कार्रवाई जरूरी है, ताकि इसकी पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


आस्था के मेले में बाउंसरों का क्या काम? रामलीला-दशहरा मेला में निजी सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल ?

किससे परमिशन लेकर उतारे गए बाउंसर? आयोजकों की मंशा पर सवाल, प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा संदेह

श्रीराम लीला और विजयदशमी के पावन मेले में आखिर बाउंसरों की क्या जरूरत पड़ गई? करनैलगंज के ऐतिहासिक रामलीला दशहरा मेले में आयोजकों द्वारा निजी बाउंसर तैनात किये जाने ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आस्था, संस्कृति और परंपरा से जुड़े इस मेले में बाउंसर प्रयोग पर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और बाउंसर प्रयोग की नई परम्परा कई गंभीर सवाल उठा रही है। बाउंसर की जरूरत क्यों पड़ी? क्या रामलीला मेला कोई नाइट क्लब या प्राइवेट पार्टी है जो बाउंसरों की जरूरत पड़ गई? क्या स्थानीय पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर संदेह या आयोजक को भरोसा नहीं था? किससे ली परमिशन? और किसने दी परमीशन? मेले में निजी बाउंसर रखने के लिए आयोजक ने किस सक्षम अधिकारी से अनुमति ली? क्या एसडीएम, सीओ या कोतवाली से इसकी लिखित परमिशन ली गई है? अगर नहीं, तो यह खुलेआम नियमों का उल्लंघन है। क्या मेले में उतारे गए बाउंसरों का पुलिस सत्यापन हुआ या नहीं? उनके पास कोई आईडी, लाइसेंस है या ऐसे ही असामाजिक तत्वों को वर्दी पहनाकर खड़ा कर दिया गया? क्या श्रद्धालुओं को डराने-धमकाने के लिए या दहशत फैलाने के उद्देश्य बाउंसर बुलाये गए ? आरोप है कि बाउंसरों ने कई दुकानदारों और आम दर्शकों के साथ अभद्रता की। क्या आस्था के मेले को डर और दबंगई से कंट्रोल करने की कोशिश हो रही है। इतने बड़े मामले में आखिर प्रशासन मौन क्यों? इतनी बड़ी चूक के बाद भी प्रशासन चुप क्यों है ? ऐसे तमाम अहम सवाल आमजन मानस के मन को मथ रहे हैं। समूचे प्रकरण पर स्थानीय लोगों और सामाजिक लोगों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक गोण्डा से मांग उठाई है कि आखिर किसके आदेश पर और किसकी परमिशन से रामलीला जैसे धार्मिक मेले में बाउंसर उतारे गए? यदि बगैर परमिशन के बाउंसर लगाये गये तो आयोजक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिये।

यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई और आयोजक व दूसरे पक्ष की भूमिका की जांच किए बिना ही विवेचना आगे बढ़ी, तो यह धारणा बलवती होगी कि करनैलगंज में कानून का पैमाना अलग-अलग है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर जनता के मन में उठ रहे सवालों का निराकरण करे।
October 26, 2026

प्रेम प्रसंग में युवक की गला दबाकर हत्या, पड़ोसी के घर में शव बरामद

मुरादाबाद - प्रेम प्रसंग में युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई, युवक का शव पड़ोसी के घर से बरामद होने पर मामले का खुलासा हुआ। अयान पाकबड़ा के समाथल में रह रहा था, लाश मिलने के बाद पड़ोसी का परिवार फरार हो गया, पूरा मामला पाकबड़ा थानाक्षेत्र के समाथल से जुड़ा बताया जा रहा है।

October 26, 2026

ट्रिपल मर्डर से फैली सनसनी, नेवी में तैनात ऋषभ ने ली तीन लोगों की जान


लखनऊ  - लखनऊ में ट्रिपल मर्डर की वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी पैदा हो गई,पुलिस सनसनीखेज मामले की जांच में जुटी है। सआदतगंज के नौबस्ता में ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंप मच गया, शिवा नामक व्यक्ति, बेटे सुयश व भाई की हत्या से लोग दहशतजदा हो गए। बताया जा रहा है कि शिवा के छोटे भाई शम्भू की ट्रॉमा सेंटर में मौत हुई, आरोप है कि नेवी में तैनात ऋषभ शुक्ला ने फायरिंग कर बड़ी वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्यारोपी ऋषभ को हिरासत में ले लिया है, बताया जा रहा है कि चबूतरे व कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था।
 
October 26, 2026

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को राहत

दिल्ली - लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में SC में सुनवाई हुई, जिसमें आशीष मिश्रा को घर में दिवाली मनाने की अनुमति मिल गई है। कोर्ट ने दिवाली पर लखीमपुर जाने की अनुमति दे दी है, कोर्ट ने पहले से लागू शर्तों के अधीन दिवाली मनाने की अनुमति दी है, अब आशीष परिवार, करीबियों के साथ दिवाली मना सकेंगे।