गोण्डा - करनैलगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस अब समाधान कम और मजाक ज्यादा बनकर रह गया है। पिछले शनिवार 17 अक्टूबर को जो तस्वीर सामने आई, वह हैरतअंगेज और घोर लापरवाही भरी है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो काफी चर्चा में है।
समाधान दिवस में एक तरफ जहां शिकायत पंजीकरण काउंटर पर फरियादियों को वर्षों से डिजिटल शिकायत संख्या व रसीद नहीं दी जा रही है और 4 अंकों की फर्जी संख्या थमाकर आंकड़ों में हेराफेरी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर लोगों की जिंदगी से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।
बिना डॉक्टर के दवा वितरण:
प्राप्त वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समाधान दिवस में लगे मेडिकल काउंटर पर जिम्मेदार डॉक्टर नदारद थे। उनकी जगह एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फरियादियों से उनका मर्ज पूछ-पूछकर दवाइयां बांट रहा था। बिना जांच, बिना डॉक्टर की सलाह के इस तरह दवा वितरण करना सीधे-सीधे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है।
सीडीपीओ बेखौफ, अफसर मोबाइल में मस्त:
हलधरमऊ बाल विकास परियोजना की अधिकारी नंदिनी घोष जनसुनवाई के दौरान अपनी कुर्सी पर बैठकर काफी देर तक बेखौफ होकर फोन पर व्यस्त नजर आईं। हैरानी की बात है कि सामने मौजूद जिले के आला अधिकारियों की भी इस पर नजर नहीं पड़ी, या जानबूझकर अनदेखी कर दी गई। कई अन्य अधिकारी भी निर्धारित समय से नदारद और मोबाइल चलाते हुए देखे गए।
इससे साफ है कि अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों में उच्चाधिकारियों का कोई खौफ और अंकुश ही नहीं रह गया है। जिलाधिकारी व अन्य उच्चाधिकारियों द्वारा भी इस पर निगरानी और अंकुश लगाने की जहमत नहीं उठाई जा रही है, जिससे उनकी कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुल मिलाकर शासन की मंशा पर पानी फेरते हुए समाधान दिवस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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