अधिकारियों की निगरानी में विभागीय टीमों ने संभाला अभियान, सड़क सुरक्षा एवं गोवंश संरक्षण पर विशेष जोर
गोण्डा - जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशन तथा मुख्य विकास अधिकारी के कुशल मार्गदर्शन में जनपद गोण्डा में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत गोण्डा से लखनऊ मार्ग पर चार टीमों को तैनात कर सड़क एवं आसपास के क्षेत्रों में विचरण कर रहे निराश्रित गोवंशों को पकड़कर विभिन्न गो-आश्रय स्थलों में सुरक्षित रूप से संरक्षित कराया गया। विशेष निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान के दौरान कुल 37 गोवंशों को पकड़कर गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित कराया गया।
अभियान को प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए गोण्डा-लखनऊ मार्ग को चार हिस्सों में विभाजित किया गया। प्रथम टीम को नगर पालिका परिषद गोण्डा के नगरीय क्षेत्र से बालपुर तक, द्वितीय टीम को बालपुर से हलधरमऊ तक, तृतीय टीम को हलधरमऊ से करनैलगंज तक तथा चतुर्थ टीम को करनैलगंज से गोण्डा बार्डर तक लगाया गया। टीमों द्वारा अपने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर निराश्रित गोवंशों को चिन्हित किया गया तथा उन्हें पकड़कर संबंधित गो-आश्रय स्थलों में पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
इसके अतिरिक्त नगर पालिका परिषद गोण्डा एवं नगर पालिका परिषद करनैलगंज को भी अपने-अपने नगरीय क्षेत्रों में विचरण कर रहे निराश्रित गोवंशों को पकड़कर सुरक्षित रूप से विभिन्न गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन द्वारा अभियान को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक संसाधन एवं मानवबल उपलब्ध कराया गया।
विशेष निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए उपजिलाधिकारी सदर एवं उपजिलाधिकारी करनैलगंज को पर्यवेक्षणीय अधिकारी नामित किया गया है। अभियान में खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, सफाई कर्मचारी तथा पशुपालन विभाग की टीमों को लगाया गया है। सभी टीमों द्वारा आपसी समन्वय के साथ निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित पकड़ने एवं उन्हें निर्धारित गो-आश्रय स्थलों तक पहुंचाने का कार्य किया गया।
अभियान का उद्देश्य निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर उनके विचरण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को दूर करना है। विशेष रूप से गोण्डा-लखनऊ मार्ग पर निराश्रित गोवंशों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की दिशा में भी यह अभियान महत्वपूर्ण है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निराश्रित गोवंश संरक्षण के कार्य में पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन द्वारा अभियान को निरंतर जारी रखते हुए चिन्हित निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित रूप से गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित कराने तथा उनके समुचित संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
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