Aug 16, 2026

कर्नलगंज में दबंगों के हौसले बुलंद, भूमि विवाद में महिला समेत परिवार पर हमला और धमकी का आरोप



जबरन निर्माण का विरोध करने पर लाठी-डंडों से पीटने, बहू से छेड़छाड़ और घर में खींचने का भी दावा-कट्टा लगाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप

करनैलगंज /गोण्डा - स्थानीय कोतवाली क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम चतरौली निवासी राजकुमारी पत्नी मोती ने कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र देकर विपक्षीगण पर उसकी भूमि पर जबरन निर्माण कराने, विरोध करने पर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट, बहू से छेड़छाड़, कट्टा लगाकर धमकाने, चांदी की चेन छीनने और मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुलिस को दिए शिकायती पत्र में राजकुमारी ने बताया कि उसकी भूमि पर विपक्षीगण कथित रूप से जबरन निर्माण करा रहे थे। इसका विरोध करने पर लल्ला पुत्र विजय सिंह, करिया पुत्र सुमई, सत्यनारायण गुप्ता और सुनीता पत्नी सत्यनारायण गुप्ता पर लाठी-डंडों से मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता के मुताबिक उसके पुत्र और बहू के साथ भी मारपीट की गई। शिकायत में इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि आरोपियों ने उसकी बहू के साथ छेड़छाड़ की और उसे घर के अंदर खींचकर ले गए। पुत्र द्वारा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता का आरोप है कि दो व्यक्तियों ने उसे पकड़ लिया और उस पर कट्टा तानकर भयभीत किया। इतना ही नहीं, शिकायत में बेटे की चांदी की चेन निकाल लेने, मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त करने तथा परिवार को घर से बेदखल करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों के दबाव और धमकियों से परिवार भयभीत है और उसे अपनी सुरक्षा की चिंता बनी हुई है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना के बाद कर्नलगंज कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि शिकायती पत्र में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला केवल भूमि विवाद तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि इसमें मारपीट, धमकी, महिला से छेड़छाड़, हथियार दिखाकर भय पैदा करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप सामने आते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दबंगों में कानून का भय क्यों नहीं दिखाई दे रहा है? क्या विवादित जमीन पर कथित रूप से जबरन निर्माण का प्रयास और विरोध करने पर पूरे परिवार को धमकाने जैसी घटनाएं पुलिस की सक्रियता पर सवाल नहीं खड़े करतीं? पीड़िता के थाने पहुंचकर गुहार लगाने के बाद अब पुलिस की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। पीड़िता ने 12 अगस्त 2026 को दिए शिकायती पत्र में मुकदमा दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

अब देखना यह होगा कि कर्नलगंज कोतवाली पुलिस इस प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेती है। क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला महज जांच और आश्वासन तक सीमित रह जाएगा? फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लगाए पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

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