गोण्डा - समाचार पत्रों, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर यह खबर प्रसारित की जा रही है कि साँप के काटने से पीड़ित एक मरीज को रूट डायवर्जन के कारण लगभग दो घंटे तक जाम में फँसे रहने के चलते अस्पताल पहुँचने में विलंब हुआ, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। के संबंध में स्पष्ट करना है कि रूट डायवर्जन व्यवस्था के दौरान छोटे वाहनों, एम्बुलेंस तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के आवागमन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया था। इसके अतिरिक्त पेट्रोल, डीजल, दूध आदि आवश्यक सामग्री ले जाने वाले वाहनों के लिए भी कोई डायवर्जन लागू नहीं किया गया था। रूट डायवर्जन के दौरान आपातकालीन सेवाओं एवं आवश्यक वस्तुओं के वाहनों के सुगम आवागमन हेतु विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
अतः मरीज के रूट डायवर्जन में दो घंटे तक फँसे रहने अथवा डायवर्जन के कारण अस्पताल पहुँचने में विलंब होने संबंधी प्रसारित सूचना भ्रामक एवं तथ्यहीन है।
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